Thursday, February 9, 2023

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मैंने अपने बेटे को खो दिया, लेकिन अब राष्ट्र को नहीं खोने दूंगी: राधिका वेमुला

हैदराबाद। मैंने अपने बच्चे को इसलिए खो दिया क्योंकि उस समय मुझे पता नहीं था कि कैसे उसे बचाया जा सकता था। लेकिन अब हम लोगों ने फैसला किया है कि हम अपने राष्ट्र को नहीं खोएंगे। हम अपने राष्ट्र को...

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‘उफ़! टू मच डेमोक्रेसी’: सादा ज़बान में विरोधाभासों से निकलता व्यंग्य

डॉ. द्रोण कुमार शर्मा का व्यंग्य-संग्रह ‘उफ़! टू मच डेमोक्रेसी’ गुलमोहर किताब से प्रकाशित हुआ है। वैसे तो ये व्यंग्य ‘न्यूज़क्लिक’...