Friday, October 22, 2021

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Sainath

भारत में अब लोकतंत्र, प्रजातंत्र और गणतंत्र जैसे शब्द बेमानी हो गए हैं

आखिर 84 वर्षीय वृद्ध, शक्तिहीन, बेबस, लाचार, कई बीमारियों तथा पर्किंसन बीमारी से ग्रस्त, लगभग पूर्णतः बहरे, कांपते हाथ वाले, ठीक से खाना-पानी तक अपने मुँह तक ले जाने में असमर्थ, आजीवन वंचितों आदिवासियों के हक-हूकूक के लिए संघर्ष...
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भयादोहन करने वाली बीजेपी का कश्मीरी पंडितों की पीड़ा से कोई वास्ता नहीं

जम्मू कश्मीर में हिंसा का तांडव जारी है। बावजूद इस आंकिक सत्य के कि मारे गए लोगों में अधिकतर...
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