Wednesday, October 27, 2021

Add News

worker

दिल्ली की आशा वर्कर पीएम मोदी को भेज रही हैं पोस्टकार्ड

नई दिल्ली। ऐक्टू से सम्बद्ध दिल्ली आशा कामगार यूनियन (ऐक्टू) ने दिल्ली में कार्यरत आशाओं के बीच ‘चुप्पी तोड़ो पोस्टकार्ड अभियान’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत दिल्ली के विभिन्न इलाकों में कार्यरत आशा कर्मी अपनी मांगों को...

प्रवासी मजदूरों पर सुप्रीम मेहरबानी! कोर्ट ने दिया राज्यों को राशन मुहैया कराने का निर्देश

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों को प्रवासी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने और ट्रांसपोर्ट मुहैया कराने का निर्देश दिया है। रेल मंत्रालय को प्रवासी मज़दूरों की ज़रूरत के मुताबिक कदम उठाने के लिए कहा गया...

बगैर पैसे, मीडिया और संसाधन के नेताओं से मुकाबिल है एक प्रवासी दिहाड़ी मजदूर

‘हम लगातार देख सुन रहे थे किसी भी पार्टी ने हम प्रवासी मजदूरों की बात नहीं उठाई इसलिए मैं खुद चुनाव में खड़ा हो गया। एक प्रत्याशी के तौर पर मेरा सिर्फ एक ही एजेंडा है रोजगार। आखिर हम...

आशाओं के साथ होने वाली नाइंसाफी बनेगा बिहार का चुनावी मुद्दा

पटना। कोरोना वारियर्स और घर-घर की स्वास्थ्य कार्यकर्ता आशाओं की उपेक्षा के खिलाफ कल राज्य के अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आशाओं ने आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। रोहतास, कैमूर, पटना, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, खगड़िया, मुज़फ़्फ़रपुर,...

ताली बजवाने वाली सरकार के पास, कोरोना से मरे स्वास्थ्यकर्मियों का भी डेटा नहीं

कोरोना काल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए जनता से ताली थाली पिटवाया, जिनके लिए दीया मोमबत्ती जलवाया, कोरोना वैरियर और रियल हीरो का नाम देकर जिनकी हौसला-अफ़जाई की गयी उन कोरोना वैरियरों की मौत का...

और भी बहुत काम हैं! प्रवासी मजदूरों की मौतों का आंकड़ा जुटाने के लिए थोड़े ही है सरकार

कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच आज मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में सरकार से प्रश्न पूछा गया कि- “क्या सरकार के पास अपने गृहराज्यों में लौटने वाले प्रवासी मजदूरों का कोई आंकड़ा है? विपक्ष ने सवाल में यह...

गांवों से शुरू हो गयी मजदूरों की वापसी, लेकिन काम का टोटा

महामारी के दौरान 3 करोड़ मजदूर गांव की तरफ निकल गये थे। सवाल है कि क्या वे शहर में काम पर लौटेंगे? और उनकी मजदूरी में वृद्धि का क्या हुआ?  ग्रामीण भारत के 60 प्रतिशत प्रवास महत्वाकांक्षा से प्रेरित हैं।...

वेंटिलेटर पर पड़ी अर्थव्यवस्था को चाहिए जनता का खून

मजदूर शहर में वापस आ रहे हैं। राज्य अंतर्राज्यीय आवाजाही में क्वारंटाइन करने की अनिवार्यता खत्म कर रहे हैं जिससे कि उनकी वापसी और आर्थिक गतिविधियां शुरू हो सकें। जबकि कोविड-19 से पीड़ितों की संख्या 60,000 प्रतिदिन से अधिक...

बनारस के बुनकरों ने स्मृति ईरानी को लिखा पत्र, कहा- हाथों से छिना काम, गुजर-बसर के लिए दिया जाए राहत पैकेज

ऐपवा के आह्वान पर सोमवार को बनारस की बुनकर महिलाओं ने परिवार के साथ घर और मोहल्ले से अपनी वाजिब मांगो के साथ आवाज बुलंद की। ऐपवा ने केंद्रीय बाल विकास मंत्री और कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को उनकी...

मी लॉर्ड की बाइक की तस्वीर पर टिप्पणी भी अवमानना! सड़कों पर मजदूरों की पिटाई का कोई हवाला नहीं?

प्रशांत भूषण के मामले में अब सबको 20 अगस्त की प्रतीक्षा है, जब उनके जुर्म की सज़ा का एलान होगा। लेकिन जिस जल्दीबाजी में कई न्यायिक औपचारिकताओं को नजरअंदाज कर के इस मामले की जल्दी जल्दी सुनवाई पूरी की...
- Advertisement -spot_img

Latest News

हाय रे, देश तुम कब सुधरोगे!

आज़ादी के 74 साल बाद भी अंग्रेजों द्वारा डाली गई फूट की राजनीति का बीज हमारे भीतर अंखुआता -अंकुरित...
- Advertisement -spot_img