फिरोजाबाद एनकाउंटर पर सवाल : मारा गया नरेश हथकड़ी में था तो उसके पास हथियार कैसे आया?

फिरोजाबाद जिले में हुए एनकाउंटर पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिसमें 50 हजार रुपये इनामी बदमाश नरेश पंडित को मार गिराया था। एनकाउंटर के मामले की जांच राज्य मानवाधिकार आयोग ने करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुठभेड़ की जांच से संबंधित सभी साक्ष्य मांगे हैं।

दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट के अधिवक्ता डॉक्टर गजेंद्र सिंह यादव ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए राज्य मानवाधिकार में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में मुठभेड़ को मानवाधिकार का उल्लंघन बताते हुए पुलिस वालों पर कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद राज्य मानवाधिकार आयोग ने 5 अक्टूबर को फिरोजाबाद में हुए मुठभेड़ की जांच बैठा दी है। इस मुठभेड़ में नरेश पंडित की गोली लगने से मौत हो गई थी।

फर्रुखाबाद एसएसपी सौरव दीक्षित ने दावा किया था कि मुठभेड़ के दौरान एएसपी अनुज चौधरी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी। रामगढ़ थाने के थाना प्रभारी गोली लगने से घायल हो गए थे।

गजेंद्र सिंह यादव ने शिकायत में कहा है कि आरोपी हथकड़ी में था और उसके पास कोई फोन नहीं था। ऐसे में हथियार प्राप्त करने की स्थिति संदिग्ध है। आरोपी के हथियार और पुलिस जैकेट की फॉरेंसिक जांच अनिवार्य की जाए। पुलिस अधिकारियों के पूर्व मुठभेड़ रिकॉर्ड की भी जांच हो, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह कार्रवाई पूर्व नियोजित या वाहवाही के लिए तो नहीं थी।

राज्य मानवाधिकार आयोग ने शिकायत को गंभीर प्रकृति का मानते हुए जिला मजिस्ट्रेट, अलीगढ़ को निर्देश दिया है कि कि वे मामले की विस्तृत जांच कर 3 दिसंबर 2025 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।

आयोग ने आदेश दिया कि यह मामला 4 दिसंबर 2025 को विचारार्थ सूचीबद्ध किया जाएगा।

शिकायतकर्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं है, बल्कि पुलिस जवाबदेही और मानवाधिकार पारदर्शिता का प्रश्न है। जब कोई व्यक्ति हथकड़ी में हो, तो उसकी मृत्यु की पूरी वैज्ञानिक जांच आवश्यक है।

मक्खनपुर थाने के इंस्पेक्टर चमन शर्मा के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग पर गांव घुनपई के पास 30 सितंबर की सुबह लगभग 5 बजे बदमाशों ने गुजरात की एक कंपनी के कैशवैन को ओवरटेक कर रोक लिया था। हथियारों से लैस बदमाशों ने ड्राइवर पर असलहे की बट से हमला किया और बंधक बनाकर गाड़ी में डाल दिया था। इसके बाद वैन में रखे 2 करोड़ रुपये लूट लिए थे. कुछ समय बाद यह वैन एक जगह से बरामद कर ली गई थी।

पुलिस के अथक प्रयासों के बाद 6 बदमाशों को पकड़ा गया था। बदमाशों के कब्जे से एक करोड़ पांच हजार रुपये, 2 लग्जरी गाड़ियां, आईफोन आदि बरामद हुए थे. गिरफ्तार आरोपियों में नरेश पुत्र राकेश कुमार उर्फ भूरी निवासी अरनी थाना खैर अलीगढ़, तुषार पुत्र राजकुमार निवासी मोदीनगर गाजियाबाद, दुष्यंत पुत्र मोहन सिंह निवासी ओम नगर खैर अलीगढ़, अक्षय पुत्र जयप्रकाश निवासी गाजीपुर दिल्ली, आशीष उर्फ आशू पुत्र प्रमोद निवासी बहादुरगढ़ हरियाणा, मोनू उर्फ मिलाप पुत्र इन्द्रपाल सिंह निवासी आगरा शामिल थे।

इंस्पेक्टर मक्खनपुर चमन शर्मा ने बताया कि बदमाश को माल की बरामदगी के लिए लेकर जा रहे थे. इसी दौरान नरेश पेट दर्द का बहाना बनाकर भाग निकला. इसके बाद हुई मुठभेड़ में नरेश मारा गया था.

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