चुनाव आयोग ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए : परंजॉय गुहा ठाकुरता 

वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक परंजॉय गुहा ठाकुरता के अनुसार चाहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों के “वोट चोरी” के आरोप हों या फिर बिहार में किए स्पेशल इन्टेसिव रिवीजन (एसआईआर) में गड़बड़ियों, विसंगतियों के आरोप, चुनाव आयोग ने कई सवालों के जवाब नहीं दिए हैं और चुनाव प्रक्रिया को लेकर संदेह, अविश्वास बढ़ा है। 

परंजॉय शनिवार को मुंबई प्रेस क्लब में अपने वृत्तचित्र “महाराष्ट्र में हेराफेरी” के प्रदर्शन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि वोट काटने का मामला हो या वोट जोड़ने, डुप्लीकेट वोटों का, कई सवाल अनुत्तरित हैं। उन्होंने बताया कि इस समय वह बिहार में एसआईआर की प्रक्रिया पर एक वृत्तचित्र पर काम कर रहे हैं जो लगभग पूरा हो चुका है और संभवत: अगले सप्ताह यानी बिहार चुनाव से पहले प्रदर्शित कर दिया जाएगा। 

इस मुद्दे पर विपक्ष चुनावों का बहिष्कार क्यों नहीं कर रहा, सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह विपक्ष को ही तय करना चाहिए कि वह इस मुद्दे पर लड़ाई को कैसे आगे ले जाना चाहता है जहां तक लोगों का सवाल है, उन्हें सवाल करने चाहिए, चुनाव आयोग से भी और सरकार से भी। 

इस मौके पर व्यंग्यकार राजीव निगम ने वृत्त चित्र में एक प्रसंग का जिक्र करते हुए महाराष्ट्र में लाडकी बहन योजना के तहत चुनाव से पहले पैसे डालने और चुनाव के बाद उसकी जांच करने पर सवाल उठाया और कहा कि पहले जांच नहीं की गई क्योंकि यह मतदाताओं को लुभाने की कोशिश थी। बिहार चुनाव से पहले महिलाओं के खातों में दस हजार रुपये डालने को “घूस” करार दिया और कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी सरकारी पैसा लोगों के खातों में पैसे डाल सकती है लेकिन विपक्ष ऐसा नहीं कर सकता, वह केवल वादा कर सकता है इस तरह यह गलत है।  

35 मिनट के वृत्तचित्र में  महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव के नतीजों और छह महीने बाद हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में जमीन आसमान के फर्क, इस अवधि में जोड़े गए लाखों मतदाताओं, वयस्क आबादी से ज्यादा मतदाताओं की संख्या होने, महाराष्ट्र के एक गाँव में नतीजों से चकित ग्रामीणों के “मॉक पोल” कराने के प्रयास धारा 144 लगा कर रोक देने जैसे कई मुद्दों पर रोशनी डाली गई है।

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