दो दिन से हो रही बेमौसम की बारिश के कारण संयुक्त किसान मोर्चा, मध्यप्रदेश ने आज (27 अक्टूबर को) होने वाले अपने प्रदर्शन को स्थगित किया लेकिन भोपाल के यादगार – ए – शाहजहानी पार्क में इकट्ठा हुए किसान नेताओं और मोर्चे के घटक संगठनों के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री निवास पर जाकर 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में भावान्तर नहीं, भाव दिए जाने, घोषित भावान्तर योजना को समाप्त कर सभी फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित करने समेत कई मांगें की गई हैं।
इनमें चुनावी वादों के अनुरूप देसी धान का समर्थन मूल्य ₹3300 प्रति क्विंटल घोषित करने, अतिवृष्टि से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिए जाने, पटवारी हल्के को इकाई मानकर औसत उपज की तुलना में आई कमी के आधार पर मुआवजा तय करने, खाद और बीज की कमी दूर करते हुए समय पर पर्याप्त भंडारण किए जाने और नकली खाद बीज – एवं कीटनाशक बेचने वालों पर सख्त कार्यवाही किये जाने की मांगें शामिल हैं।
इनके अलावा मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर जारी जमीन लूट रोकने तथा हर तरह के भूमि अधिग्रहण में किसानों की सहमति लेने, ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य करने तथा 2013 के कानून के अनुसार उचित मुआवजा और पुनर्वास सुनिश्चित करने, प्रदेश में जहां भी हाईवे, एक्सप्रेस वे के नाम से अधिग्रहणों के खिलाफ आन्दोलन जारी है, वहां किसानों से बातचीत कर समाधान निकालने, देवास जिले के कन्नौद अनुभाग में अनशन पर बैठे 9 गांवों के किसानों की समस्या उनसे चर्चा कर समाधान निकालने की मांग भी की गयी ।
संयुक्त किसान मोर्चे ने अन्य मांगों में पराली जलाने पर दर्ज मुकदमे तत्काल वापस लेने, पराली प्रबंधन हेतु सहायता योजना लागू करने, पराली निपटान के लिए आवश्यक मशीनरी व अनुदान उपलब्ध कराए जाने, गन्ना किसानों की समस्याओं को हाल करने और गन्ने के भाव में वृद्धि करने, शक्कर मिलों द्वारा भुगतान में हो रही देरी समाप्त करने, बकाया राशि का तत्काल भुगतान करवाने और भविष्य में भुगतान हेतु समय सीमा का कड़ाई से पालन करते हुए गन्ने का मूल्य रिकवरी के आधार पर निर्धारित करते हुए उसे किसी भी सूरत में ₹550 प्रति क्विंटल से कम न तय किये जाने के साथ कैलारस का सहकारी शक्कर कारखाना चलाये जाने की मांगें भी की गईं।
मोर्चे की अन्य मांगों में बिजली व्यवस्था सुधारते हुए किसानों को दिन में कम से कम 12 घंटे निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने, गलत बिल निरस्त किए जाने , जले हुए ट्रांसफार्मर अधिकतम तीन दिन में बदले जाने और स्मार्ट मीटर योजना रद्द किये जाने, आत्महत्या करने वाले किसानों के परिवारों को सहायता देने तथा उसके परिजनों को पर्याप्त मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने, कपास एवं अन्य फसलों में घाटे की भरपाई करते हुए मुक्त व्यापार समझौतों के प्रभाव से किसानों को बचाने , केले सहित सभी फलों तथा सब्जियों को एमएसपी तथा फसल बीमा में शामिल करते हुए रबी फसलों के समर्थन मूल्य संशोधित करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार दरें तय की मांग भी की गई।
शाहजहानी पार्क में अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज की अध्यक्षता एव किसान जागृति संगठन के इरफ़ान जाफरी के संचालन में हुई सभा को अखिल भारतीय किसान सभा मध्यप्रदेश के प्रहलाद वैरागी, मप्र किसान सभा के अखिलेश यादव, अशोक तिवारी एआईकेकेएमएस के सोनू शर्मा, भारतीय किसान श्रमिक जनशक्ति यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव, राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्येन्द्र मौर्य, भारतीय श्रमिक जनशक्ति यूनियन के संदीप सिंह ठाकुर, अखिल भारतीय किसान सभा के जनक राठौर, गया प्रसाद मिश्रा, लालमणि त्रिपाठी, राहुल भाई जी, किसान जागृति संगठन के विजय चौकसे आदि ने संबोधित किया।