अभिनेता नसीरुद्दीन शाह को कार्यक्रम में बुलाकर आने से मना किए जाने के विवाद के बाद मुंबई विश्वविद्यालय का एक और कारनामा सामने आया है और अब विश्वविख्यात वृत्तचित्रकार आनंद पटवर्धन को मुंबई यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रवेश से रोका गया।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार पटवर्धन ने बताया कि वह 28 फरवरी को बौद्ध गुरु भंतेजी विमांसा से मिलने गए थे, जो पाली भाषा विभाग के लिए ग्रांट, छात्रों के हॉस्टल की मरम्मत समेत अन्य मुद्दों पर कैंपस में धरने पर बैठे हैं।
पटवर्धन को सुरक्षाकर्मियों ने बिना कारण बताए गेट पर ही रोक दिया जिसके बाद भंतेजी खुद गेट तक आए और दोनों ने बंद गेट से ही एक दूसरे से दुआसलाम किया।
पटवर्धन उस दिन पास ही नसीरुद्दीन शाह के शायरी और कथाकथन के एक कार्यक्रम में आए थे, जिसका आयोजन मुंबई फॉर पीस नामक समूह ने किया था। दिलचस्प है कि यूनिवर्सिटी कैंपस के सामने स्थित एक सभागृह में नसीरुद्दीन शाह के इस कार्यक्रम, जिसे “प्रीतनगर” का शीर्षक दिया गया, के आयोजन का कारण भी पिछले दिनों मुंबई यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के कार्यक्रम में अभिनेता को बुलाने के बाद ऐन वक्त पर आने से मना कर दिया जाना था।
आरोप था कि नसीरुद्दीन शाह “देश के विरोध में बयान देते हैं। शाह ने मुंबई विश्वविद्यालय द्वारा इस तरह कार्यक्रम में बुलाकर मना किए जाने पर इंडियन एक्सप्रेस में लेख लिखकर कहा था कि वह देश के खिलाफ कभी नहीं बोले हां, उन्होंने कभी विश्वगुरु (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) की सराहना नहीं की और विश्वगुरु के आचरण की आलोचना करते रहे हैं क्योंकि उनका आत्ममुग्ध स्वभाव उन्हें आहत करता है और पिछले दस सालों में उनका एक भी कार्य उन्हें प्रभावित नहीं कर सका है।
यूनिवर्सिटी ने इस बीच बयान जारी कर कहा है कि उन्हें पटवर्धन के आने के बारे में कोई सूचना नहीं थी, वरना वह उनका स्वागत करते।
जारी “विरोध प्रदर्शन” को “गैरकानूनी” करार देते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कहा कि कलिना कैंपस में अंतरराष्ट्रीय छात्रों समेत 5000 पोस्ट ग्रेजुएट छात्र हैं। इसके अलावा फैकल्टी और प्रशासनिक स्टाफ के आवास भी हैं। धरने के कारण कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के कारण सभी आगंतुकों से प्रवेश से पहले पूछताछ की जा रही है।
(जनचौक ब्यूरो)