काउथेर बेन हानिया निर्देशित फिल्म द वॉयस ऑफ हिन्द रजब को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से मंजूरी मिल गई है और अब भारत में फ़िल्म 19 जून को प्रदर्शित होने की संभावना है।
समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया की ख़बर के अनुसार फ़िल्म को “केवल वयस्कों के लिए” (ए) प्रमाणपत्र मिला है लेकिन वितरक जय विराट एंटरटेनमेंट के मनोज नंदवाना के अनुसार सीबीएफसी ने फ़िल्म पर ज़रा भी कैंची नहीं चलायी।
अकादमी पुरस्कार के लिए नामांकित फ़िल्म को मूल रूप से मार्च में प्रदर्शित किया जाना था और फ़रवरी में फ़िल्म बोर्ड के पास भेजी गई थी लेकिन तब फ़िल्म की स्क्रीनिंग के बाद सीबीएफसी अधिकारियों ने वितरक से कहा था कि फिल्म से भारत और इजराइल के रिश्ते टूट जाएंगे।
फ़िल्म पर मौखिक बैन की कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी और फ़िल्मकारों, बुद्धिजीवियों, विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि सेंसर बोर्ड को निर्देश दें कि फ़िल्म को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक सिद्धांत की कसौटी पर देखें और प्रमाणपत्र दे।
फिल्म एक पाँच वर्षीय बच्ची की कहानी पर आधारित है जो इजराइली सैन्य बलों के हाथों जनवरी 2024 में मारी गई थी। फिल्म को वेनिस फिल्मोत्सव में 25 मिनट की स्टैन्डिंग ओवैशन मिली थी। फिल्म के बारे में अधिक जानने के लिए जनचौक का यह लेख पढ़ सकते हैं।
(जनचौक ब्यूरो)