माले के वरिष्ठ नेता एवं एक्टू के बिहार राज्य महासचिव आरएन ठाकुर का निधन

भाकपा (माले) की पहली पीढ़ी के अग्रणी नेताओं में से एक तथा बिहार में क्रांतिकारी मजदूर आंदोलन के प्रमुख संगठक ट्रेड यूनियन ‘एक्टू’ के बिहार राज्य महासचिव, भाकपा माले राज्य कमिटी सदस्य रामनारायण ठाकुर (आरएन ठाकुर) का रविवार 5 जुलाई को पटना स्थित पीएमसीएच में निधन हो गया।

कुछ दिन पहले उन्हें ब्रेन स्ट्रोक हुआ था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती गई और आज सुबह 9 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

आरएन ठाकुर रोहतास जिले के दिनारा प्रखंड के बीसी बिसाव गांव में रहते थें। पटना साइंस कॉलेज में केमिस्ट्री के छात्र थे। 1969–70 में नक्सलबाड़ी आंदोलन में कॉलेज छोड़ शामिल हो गए थे। अपनी राजनीतिक जीवन की शुरूआत पटना के पुनपुन क्षेत्र में भूमिहीन किसानों एवं गरीब किसानों के बीच भाकपा माले के निर्माण से किया। आपातकाल के समय जेल भी गए। उन्होंने बिहार वर्तमान झारखंड के कई जिलों जहानाबाद, गया, अरवल, हज़ारीबाग, पूर्णिया, रोहतास, गिरीडीह मुंगेर आदि जिलों में पार्टी संगठन के निर्माण व किसान आंदोलन के विस्तार में योगदान दिया।

कॉमरेड आर एन ठाकुर का पार्थिव शरीर पटना स्थित एमएलए फ्लैट 15/10 में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। वहां पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की । पार्टी के वरिष्ठ नेता स्वदेश भट्टाचार्य, राज्य सचिव कुणाल, धीरेन्द्र झा, अमर, मीना तिवारी, सांसद राजाराम सिंह, एक्टू के राष्ट्रीय महासचिव राजीव डिमरी एवं सुदामा प्रसाद, विधायक अरुण सिंह एवं संदीप सौरभ, केडी यादव, संतोष सहर सहित सभी पूर्व विधायकों, राज्य कमिटी के सदस्यों तथा विभिन्न जिलों से आए साथियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

विभिन्न जन संगठन एवं ट्रेड यूनियन के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। एक्टू राज्य अध्यक्ष श्यामलाल प्रसाद, इंटक के नेता चंद्रप्रकाश सिंह, एनएपीएम से उदयन राज, यूटीयूसी से बीरेन्द्र ठाकुर, स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की महासचिव शशि यादव, खेग्रामस राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी इनमें शामिल थे।

महागठबंधन एवं वाम दलों के नेताओं ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी जिनमें राष्ट्रीय जनता के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, सीपीआई नेता विश्वजीत कुमार, डीवायएफ़आई से आसिफ अली, सीपीआई (एमएल) राज्य सचिव नंदकिशोर प्रसाद शामिल थे।

भाकपा माले के राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि कॉ. आरएन ठाकुर का निधन पार्टी के लिए अपूर्णीय क्षति है। वे पार्टी के पहली पीढ़ी के अग्रणी नेताओं में से थे। उनके निधन पर बिहार के श्रमिक आंदोलन ने अपना एक जुझारू, प्रतिबद्ध, दूरदर्शी व संघर्षशील नेता खो दिया। यह केवल भाकपा माले या एक्टू का नहीं बल्कि पूरे देश के वाम मजदूर आंदोलन की अपूर्णीय क्षति है। पार्टी एवं समाज के लिए उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

उन्होंने कहा, “भाकपा (माले) उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करती है और उनके अधूरे कार्यों एवं संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराती है। उनका जीवन कम्युनिस्ट मूल्यों का सजीव मिसाल था । सादगी, अनुशासन, वैचारिक स्पष्टता, संगठन के प्रति अटूट निष्ठा, मुश्किल परिस्थितियों में भी निरंतर काम करते रहने की उनकी क्षमता उन्हें अपने समकालीन नेताओं में विशिष्ट बनाती थी।”

(विशद कुमार वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

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