आरएसएस विचारक और भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राज्य बौद्धिक सेल के प्रमुख टीजी मोहनदास की जंतर मंतर छात्र आंदोलन के संदर्भ में हिंसक, सांप्रदायिक और महिला विरोधी टिप्पणियों को लेकर केरल पुलिस ने जांच के आदेश दिए हैं।
ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन के नेता टीटी जिस्मन, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी के महासचिव वीएम अलियार समेत कई नेताओं ने केरल के राज्य पुलिस प्रमुख और गृह मंत्री के समक्ष आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की।
शिकायतों में कहा गया कि मोहनदास के बयान शांतिपूर्ण और संवैधानिक लोकतांत्रिक प्रदर्शनों पर सीधा हमला हैं तथा ये हिंसा भड़काने, भय फैलाने और अराजकता को बढ़ावा देने वाले हैं। शिकायतों का संज्ञान लेते हुए केरल गृह विभाग ने मामले की जांच साइबर सेल के आईजी पी प्रकाश को सौंपी है।
आरोप है कि टीजी मोहनदास ने अपने यूट्यूब चैनल ‘पत्रिका’ पर जारी एक वीडियो में कहा कि यदि दिल्ली के जंतर-मंतर पर हो रहे छात्र आंदोलनों को रोकने की जिम्मेदारी उन्हें दी गई होती, तो वे कठोरतम हिंसक कार्रवाई करते।
मोहनदास के अनुसार, “मैं जंतर-मंतर के 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में कर्फ्यू लगा देता। फिर लाउडस्पीकर पर भीड़ को हटने की तीन चेतावनियां देता। इसके बाद गोली चलाने का आदेश देता। लोग इधर-उधर भागते, कुछ मरते, कुछ गंभीर रूप से घायल होते। चार घंटे के भीतर स्थिति शांत हो जाती और फिर हम शवों को उठाकर अस्पताल पहुंचा देते।”
एक अन्य वीडियो क्लिप में उन्होंने आंदोलन में शामिल महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर कहा, “वहां सामूहिक बलात्कार और हत्याएं होंगी। बलात्कार की कोई शिकायत दर्ज नहीं होगी, क्योंकि प्रदर्शनों में शामिल होने वाली धर्मनिरपेक्ष और वामपंथी महिलाएं बलात्कार पसंद करती हैं।”
भारी विरोध के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की केरल इकाई के पदाधिकारियों ने मोहनदास के बयानों से खुद को अलग कर लिया। संघ ने स्पष्ट किया कि मोहनदास संगठन के किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं और ये उनके व्यक्तिगत विचार हैं। संघ ने इन बयानों की कड़े शब्दों में निंदा की।
कांग्रेस ने इन बयानों को “घृणास्पद और महिला विरोधी मानसिकता” का प्रतीक बताते हुए तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, डीवायएफआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद एए रहीम ने भी कहा कि इस मामले से राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर निपटा जाएगा।
टीजी मोहनदास पेशे से इंजीनियर और वकील रहे हैं। वे केरल में भाजपा और संघ परिवार से जुड़े बौद्धिक मंचों पर सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं तथा भाजपा के राज्य बौद्धिक प्रकोष्ठ के संयोजक भी रह चुके हैं।
मोहनदास आरएसएस के ‘भारतीय विचार केंद्र’ के पूर्व महासचिव (1997) और उपाध्यक्ष (2006) रह चुके हैं और आरएसएस की कंपनी ‘अयोध्या प्रिंटर्स’ और कुछ समय के लिए ‘जन्मभूमि’ के महाप्रबंधक के तौर पर भी काम किया है।
(जेपी सिंह वरिष्ठ पत्रकार हैं और कानूनी मामलों के जानकार हैं)