वाराणसी। प्रयागराज से सोनभद्र को एक नए एक्सप्रेस-वे से जोड़ने वाली परियोजना को लेकर किसानों का विरोध जा़री है।
प्रस्तावित ‘विंध्य एक्सप्रेस-वे’ परियोजना के विरोध में उतरे सोनभद्र, मिर्जापुर जिले के किसानों का एक स्वर में कहना है कि उन्हें मुआवजा नहीं लेना, परियोजना को जनहित में निरस्त किया जाए…!
बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को मिर्जापुर के विकास भवन सभागार में कृषि विभाग द्वारा किसान दिवस का आयोजन किया गया था जहां किसानों ने विंध्य एक्सप्रेस वे को लेकर जारी विरोध के स्वर को मुखर बनाएं रखा। इस दौरान किसान दिवस में सितंबर माह में किसानों द्वारा लिखित में दी गई समस्याओं का समाधान के रूप में कार्यवृत्ति को उप कृषि निदेशक विकेश पटेल द्वारा पढ़कर सुनाया गया। बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई जिसमें कृषि विभाग, विद्युत विभाग, सिंचाई विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, सहकारिता, चकबंदी और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
9 सूत्रीय मांग और विंध्य एक्सप्रेस-वे, किसानों की समस्याएं रहीं केन्द्र बिन्दु में
भारतीय किसान यूनियन जनपद मिर्जापुर के द्वारा किसानों से संबंधित कुल 9 प्रमुख समस्याओं को रखते हुए इनके समाधान की मांग की गई, जिनमें किसानों के सिंचाई, खाद-पानी, बीज की उपलब्धता से लेकर प्रमुख मांगों में विंध्य एक्सप्रेस-वे को निरस्त करने की मांग प्रमुख मांगों में रहीं है।
किसान नेताओं ने कहा वह जनपद सोनभद्र, मिर्जापुर में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना का एक स्वर में विरोध करते है, मुआवजा नहीं लेना चाहते हैं, इसे जनहित में निरस्त किया जाए।
अन्य मांगों में मिर्ज़ापुर जनपद के सभी बीज केंद्र पर उन्नत किस्म के गेहूं के बीज उपलब्ध कराए जाने, जनपद में धान खरीद के लिए पीसीएफ के केंद्र सभी सहकारी समितियों पर खोले जाने व खाद्य विपरण और एफसीआई के केन्द्र बढ़ाये जाने, प्राइवेट क्रय केंद्र बंद करने, जिससे किसानों का धान खरीद सुगमता पूर्वक हो सके और साथ ही नवंबर से धान क्रय केंद्रों को खोला जाने की माँगें शामिल थीं।
नहरों की बदहाली और अहरौरा टोल प्लाजा का भी मुद्दा रहा गर्म
सिंचाई खंड चुनार, मिर्ज़ापुर अंतर्गत धुरिया माइनर में लगे पाइप से लीकेज हो रहा है जिससे पानी बर्बाद हो रहा है, उसको दुरुस्त कराया जाने की मांग करते हुए किसानों ने बताया कि धुरिया माइनर में लीकेज की समस्या गंभीर होती जा रही है, जिसकी बार शिकायत की गई है लेकिन सिंचाई खंड के अधिकारी सुनते नहीं। नहरों के लीकेज और मरम्मत कार्य के नाम पर भारी भरकम रकम हर वर्ष काग़ज़ों में खर्च तो दिखाया जा रहा है लेकिन धरातल पर तस्वीर कुछ और ही है।
इसी प्रकार किसानों ने वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग पर अहरौरा में स्थित अस्थाई अवैध टोल प्लाजा, जो डीपीआर में नहीं है, को हटाए जाने की शुरु से ही होती आई मांग को दुहराते हुए पुनः चेतावनी दी कि इस बार किसान आर-पार की लड़ाई का ऐलान करेंगे।
नए रजिस्ट्री नियम पर जताई आपत्ति
मिर्ज़ापुर जनपद के समस्त तहसीलों पर जिलाधिकारी द्वारा लागू जमीनों की रजिस्ट्री नए नियम के तहत 16 विश्वा तक आवासीय का रेट लिया जा रहा है, जबकि पूर्व में पांच विश्वा तक ही था, नए नियम से काफी राजस्व वसूल किया जा रहा है, इसे निरस्त करने की मांग करते हुए किसानों ने बताया कि यह किसानहित में नहीं है।
सिंचाई खंड चुनार अंतर्गत लखनिया दरी में लगभग 40 मीटर हाई लेवल फीडर ध्वस्त हो गया है उसके निर्माण कराने, विकास खंड जमालपुर अंतर्गत ग्राम गोरखपुर माफी में राम सकल पटेल के मकान से तालाब तक बीच सड़क में से सीवर का पाइपलाइन बिछा दिया गया है, जिससे सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, खुला हुआ चैंबर और क्षतिग्रस्त सड़क दुर्घटना को दावत दे रहे है अविलंब सड़क का निर्माण कराये जाने की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया।
सिंचाई खंड चुनार अंतर्गत मुगलसराय राजबाहा से निकली दौलताबाद माइनर से दुर्वासा पूरा संपर्क मार्ग पर गाटा नंबर 55 रकबा 0. 0310 हे. चकमार्ग की भूमि है उसकी नापी कराकर माइनर की पटरी का पक्का निर्माण कराया जाए।
इसके अलावा यह मांग की गई कि अहरौरा नगर पालिका का गंदा पानी आनंदीपुर और धुरिया माइनर में जा रहा है इसको रोका जाय, समसपुर पम्प कैनाल, बेलवारी और दादो लिफ्ट कैनाल परियोजना स्वीकृत है धन उपलब्ध कराकर इसका निर्माण कराया जाए , नारायणपुर गंगा नहर पर राष्ट्रीय राजमार्ग 7 से जो संपर्क मार्ग बना हुआ है उसको रोक दिया गया है। किसानों ने मांग की कि छोटी गाड़ियों के लिए उसको खोला जाए और नारायणपुर में क्षतिग्रस्त सड़क का निर्माण कराया जाए।
इस अवसर पर किसान नेता एवं भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्धनाथ सिंह, प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह, मंडल अध्यक्ष अनिल सिंह, जिलाध्यक्ष कंचन सिंह फौजी, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, जिला कोषाध्यक्ष स्वामी दयाल सिंह, मंडल सचिव इंजीनियर बीडी सिंह, मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सिंह गुड्डू, जिला उपाध्यक्ष सुखनंदन दुबे, अवधेश नारायण सिंह, पूर्वांचल सदस्य रामसूरत सिंह, जिला सचिव बृजराज सिंह राजू, युवा जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह, तहसील अध्यक्ष लालगंज ओम प्रकाश सिंह, चुनार रामवृक्ष सिंह, सदर श्याम लाल मौर्य, त्रिवेणी प्रसाद पांडे, सत्यनारायण प्रजापति, जगदीश सिंह, पप्पू सिंह, भोलानाथ गिरी ने किसान हितों से जुड़ी समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करते हुए समयबद्ध तरीके से दूर करने की बात कहीं। देश की समृद्धि का रास्ता खेतों खलिहानों और किसानों की खुशहाली से होते हुए जाता है, ऐसे में इन्हें नकार कर या नाराज़ कर सरकार समृद्धि का मार्ग प्रशस्त नहीं कर सकती है।
(शालिनी जायसवाल की रिपोर्ट। शालिनी स्वतंत्र पत्रकार हैं)