धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और कल्याणकारी योजनाओं को फोकस कर मध्यप्रदेश में चुनाव लड़ेगी कांग्रेस

Estimated read time 1 min read

नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव कर रही है। किसी भी राज्य के विधानसभा चुनाव को अब केवल प्रदेश नेताओं के सहारे नहीं छोड़ा जायेगा। विधानसभा चुनाव में अब वह प्रचार अभियान, रणनीति और मुद्दों को तय करने के लिए राष्ट्रीय नेताओं की टीम को सौंपने की तैयारी कर रही है। हिमाचल प्रदेश औऱ कर्नाटक विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस आलाकमान ने तय किया है कि सत्तारूढ़ दल के भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के समानांतर मजबूती से धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और कल्याणकारी राज्य की अवधारणा का मॉडल मजबूती से रखा जायेगा।

कांग्रेस की नजर मध्य प्रदेश औऱ राजस्थान विधानसभा चुनाओं पर टिकी है। दोनों राज्यों में पार्टी प्रदेश स्तर के नेताओं को एकजुट करने के साथ ही राष्ट्रीय नेताओं को भी जिम्मेदारी देने की रणनीति पर काम कर रही है।

सोमवार को भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के संदर्भ में पूर्व सीएम कमलनाथ की अध्यक्षता में राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक हुई। बैठक में कमलनाथ, केसी वेणुगोपाल, जयप्रकाश अग्रवाल सहित सभी नेताओं ने चुनाव की तैयारी में पूरी तरह से लग जाने की बात कही। बैठक में भाजपा सरकारों की जनविरोधी नीतियों, सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के एजेंडे और महंगाई, बेरोजगारी के साथ ही भ्रष्टाचार को प्रमुखता से उठाने की बात कही।

बैठक खत्म होने के बाद मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने कहा कि “शिवराज सिंह चौहान की भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने का संकल्प लिया गया। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के संभाग स्तर पर दौरे आयोजित होंगे। प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करने पर रणनीति बनेगी। बीजेपी सरकार का सफाया करने के लिए कांग्रेस जन जागरण अभियान चलायेगा। राज्य के सभी नेता एक साथ प्रदेश के दौरे पर निकलेंगे। महानगरों में भी कांग्रेस के बड़े नेताओं की सभा होगी। हम सब मिलकर कमलनाथ के नेतृत्व में एकजुट होकर चुनाव लड़ेगे।”

बैठक में तय हुआ कि कांग्रेस हर छोटे बड़े शहरों में रैलियां भी आयोजित की जाएगी। महानगरों में भी बड़े नेताओं की सभाएं होगी। बैठक में सीएम फेस को लेकर भी मुद्दा साफ हो गया है। कांग्रेस विधानसभा चुनाव कमलनाथ के नेतृत्व में लड़ेगी।

कांग्रेस ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि शिवराज के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार पूरी तरह से भ्रष्ट है। पूर्व मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश में 50 फीसदी कमीशन वाली सरकार चल रही है तो सीएम शिवराज सिंह चौहान ईमानदार कैसे हैं?

जीतू पटवारी ने कहा कि पटवारी ने कहा कि उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से त्रस्त है। मध्यप्रदेश सबसे कर्जदार है। कर्ज लेने में नंबर वन शिवराज सिंह चौहान हैं। प्रदेश में पूरी अराजकता उन्हीं के नेतृत्व है। हम पूरे प्रदेश में इन समस्याओं को लेकर जाएंगे। प्रदेश की जनता ने बीजेपी को उखाड़ फेंकने का संकल्प ले लिया है।

कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश में चुनाव जीतने और सरकार बनने पर मध्यप्रदेश में किसानों, मजदूरों, बेरोजगारों, नौजवानों, महिलाओं और समाज के सभी वर्गों का हित सुनिश्चित किया जाएगा। इस बैठक में बूथ को मजबूत करने का फैसला लिया गया है।

बैठक के बाद कांग्रेस का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में सरकार बनाएगी। बैठक में 2023 में विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा भी की गई।

कांग्रेस ने चुनाव के पहले अपनी रणनीति का सीधे तौर पर खुलासा किया है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी मध्य प्रदेश में चुनावी दौरे शुरू कर दी हैं। कांग्रेस के रणनीतिकारों ने उन्हें ग्वालियर और चंबल संभाग में ज्यादा बैठक और रैलियां करने की सलाह दी है। दरअसल, ग्वालियर-चंबल संभाग ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र में है। सिंधिया के कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामने के बाद पार्टी वहां पर काफी कमजोर हो गई। लेकिन चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम रहे हैं।

मध्य प्रदेश भाजपा में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया की स्वीकार्यता अभी तक नहीं हो पाई है। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस का कितना नुकसान करेंगे, इस पर सवालिया निशान बना हुआ है। लेकिन जिस तरह से सिंधिया समर्थक कांग्रेस का दरवाजा खटखटा रहे हैं, उससे साफ जाहिर होता है कि आगामी विधानसभा चुनाव में वह कांग्रेस का नुकसान करने की स्थिति नहीं हैं।

(जनचौक की रिपोर्ट।)

+ There are no comments

Add yours

You May Also Like

More From Author