महा प्रसाद

नागरिकों की आवाज़ के लिए लोकतंत्र में वास्तविक जगह कितनी बची है?

आकृति चौधरी के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत उनकी हिरासत को… Read More

लोकतंत्र में कौन जीतता है—जिसकी माँग न्यायपूर्ण है, या जिसके पास संघर्ष को लंबा खींचने की क्षमता है?

भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा करने और अपनी माँग सरकार के… Read More

धार्मिक स्वतंत्रता महत्त्वपूर्ण लेकिन संविधान के मूल अधिकारों, संरक्षणकारी कानूनों से पृथक नहीं

क्या बाल विवाह पर रोक लगाने वाला कानून सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होना चाहिए?… Read More

नोएडा मामले में गिरफ़्तारियों, कार्रवाई की स्वतंत्र, निष्पक्ष न्यायिक समीक्षा हो

3 जून 2026 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जस्टिस विनोद दिवाकर ने राजेंद्र त्यागी एवं अन्य बनाम… Read More

तमिल नाडु हिरासत में मौत मामले में निर्णय के मायने : कानून का शासन सैद्धांतिक अवधारणा नहीं, व्यवहारिक अनिवार्यता

तमिलनाडु के सथानकुलम कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) प्रकरण में दिया गया हालिया न्यायिक निर्णय केवल एक… Read More