Thursday, December 2, 2021

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शैलेंद्र चौहान

वीरांगनाओं के कारनामों से भरा पड़ा है स्वाधीनता संग्राम का इतिहास

भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं ने पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपना पूरा योगदान दिया। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान विभिन्न क्रांतिकारी गतिविधियों में अनेक महिलाओं ने अपने प्राणों की किंचित परवाह किये बिना हिस्सा लिया। जिन...

हिंदी ठेठ, हिंदी जात, हिंदी नाम, हिंदी है

1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की विफलता के बाद में ब्रिटिश सरकार ने सत्ता पर सीधा नियंत्रण कर एक ओर उत्पीड़न तो दूसरी ओर भारत में औपनिवेशिक व्यवस्था का निर्माण शुरू किया। क्योंकि खुद ब्रिटेन में लोकतांत्रिक व्यवस्था थी,...

मातृसत्ता बनाम पितृसत्ता : ऐतिहासिक विवेचन

किसी भी समाज में व्यक्ति की पदस्थिति और भूमिका सम-सामायिक सामजिक मूल्यों तथा आदर्शों पर आधारित होती है। कोई भी स्थिति चिरंतन व स्थाई नहीं रह सकती समय के साथ-साथ सामाजिक परिस्थितियां परिवर्तित होती जाती हैं। साथ ही साथ...

केंद्र और दिल्ली की सत्ता के मुंह पर कालिख है यमुना में पैदा हो रहा झाग

राजधानी दिल्ली में यमुना नदी पर ओखला बैराज के पास विगत कई वर्षों से जहरीले झाग की मोटी परत दिखती है। इस वर्ष राजनीतिक कारणों से छठपूजा के अवसर पर यह विशेष चर्चा में रही। यह झाग इस नदी...

किसानों की आत्महत्याएं बताती हैं कृषि संकट की गहराई

किसान आत्महत्याओं के बारे में जानने के लिए इसका इतिहास जान लेना भी आवश्यक है। और इसे महाराष्ट्र राज्य के संदर्भ में जानना तर्कसंगत होगा। सन 1990 में अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' के ग्रामीण मामलों के संवाददाता पी. साईंनाथ...

आजादी की लड़ाई में शहादत का कारखाना बन गया था यूपी का शाहजहांपुर

1857 गदर से लेकर 1942 की अगस्त क्रांति तक शाहजहांपुर जनपद के क्रांतिकारियों ने स्वाधीनता की लड़ाई में बढ़-चढ़कर सहभागिता की है। इस अमृत महोत्सव वर्ष में इन्हें याद करना और इनके त्याग और बलिदान को सादर प्रणाम करना...

भारत में बहुत चिंताजनक है बाल कुपोषण का स्तर

कुपोषण भारत की गम्भीरतम समस्याओं में एक है फिर भी इस समस्या पर सबसे कम ध्यान दिया गया है। आज भारत में दुनिया के सबसे अधिक अविकसित (4.66 करोड़) और कमजोर (2.55 करोड़) बच्चे मौजूद हैं। ध्यातव्य है कि...

जन्मदिन पर विशेष: ग्रेट बर्डवाचर सालिम अली

सालिम अली का जन्म बॉम्बे के एक सुलेमानी बोहरा मुस्लिम परिवार में 12 नवंबर,1896 को हुआ था। वे अपने परिवार में सबसे छोटे और नौंवे बच्चे थे। जब वे एक साल के थे तब उनके पिता मोइज़ुद्दीन का स्वर्गवास...

अक्टूबर क्रांति ने मोड़ दी थी दुनिया के इतिहास की धारा

अलेक्जेंडर रोबिनविच रूसी क्रांति और गृह युद्ध के जाने-माने इतिहासकार रहे हैं। उनके और रेक्स ए. वेड जैसे विशेषज्ञों की बातों से यह पता चलता है कि रूसी क्रांति को लेकर जो बहुत सी बातें मीडिया में चल रही...

विज्ञान के विकास के लिए स्वतंत्रता सबसे बड़ी शर्त, संदर्भ सुब्रह्मण्यम चंद्रशेखर

भारत की इस धरती पर कई ऐसे महान वैज्ञानिक पैदा हुए हैं, जिन्होंने अपनी खोज और रिसर्च से दुनिया के विकास को नई दिशा दी है। विडंबना यह है कि यह काम वे भारत में रहते हुए नहीं कर...

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लखनऊ में रोज़गार अधिकार मॉर्च निकाल रहे 100 से अधिक युवाओं को पुलिस ने किया गिरफ्तार

"यूपी मांगे रोज़गार "- नारे के साथ उत्तर प्रदेश के हजारों बेरोज़गार छात्र युवा लखनऊ के केकेसी डिग्री कॉलेज...