शैलेंद्र चौहान

भारत में हर स्तर पर सामाजिक न्याय की गारंटी बेहद ज़रूरी

इतिहास गवाह है कि शताब्दियों से मानव, सामाजिक न्याय प्राप्त करने के लिए निरंतर भटकता रहा है… Read More

जन्मदिवस पर विशेष: आधुनिक हिंदी के जनक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने साहित्य को ‘जन’ से जोड़ा

भारतेन्दु हरिश्चन्द्र (9 सितंबर 1850-6 जनवरी 1885) आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह कहे जाते हैं। इनका मूल… Read More

भारतीय संस्कृति के सड़ांध पक्ष को दर्शाती है सांप्रदायिकता

सांप्रदायिकता का मतलब संकीर्ण मनोवृत्ति होता है। सांप्रदायिकता की भावना के कारण व्यक्ति में अपने धर्म के… Read More

जन्मदिवस पर विशेष: सामाजिक यथार्थ के अनूठे व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई

हरिशंकर परसाई हिंदी के पहले रचनाकार थे, जिन्होंने व्यंग्य को विधा का दर्जा दिलाया और उसे हल्के-फुल्के… Read More

‘विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा’ कैसे बना देश का झंडा गीत

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उत्प्रेरक झंडा गीत “विजयी विश्व तिरंगा प्यारा, झंडा ऊंचा रहे हमारा, इसकी… Read More