डॉ. सिद्धार्थ

फुले की ‘गुलामगिरी’: ब्राह्मणवाद से मुक्ति के पहले घोषणापत्र का एक परिचय

(वरिष्ठ पत्रकार और एक्टिविस्ट प्रोफेसर दिलीप मंडल ने वसंत पंचमी (सरस्वती पूजन) के दिन डॉ. आंबेडकर के… Read More

शताब्दी वर्ष पर विशेष: मेहनतकश बहुजनों की विरासत है चौरी-चौरा की क्रांतिकारी बगावत

(भारतीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण गौरव गाथाओं में एक चौरी-चौरी की क्रांतिकारी बगावत का आज ( 4… Read More

ये मेहनतकश किसानों का आंदोलन है, इसे अपरकास्ट परिजीवी भू-मालिकों के नजरिये से न देखें

यदि कोई भी वर्तमान किसान आंदोलन को उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल, बिहार और गाय पट्टी के अन्य… Read More

हिंदू राष्ट्रवाद का खौफ़नाक मंजर पेश करती है अरुंधति की किताब ‘आज़ादी’

अरुंधति रॉय भारत की उन चंद लेखकों में हैं, जिनकी समकालीन भारत की नब्ज़ पर उंगली है… Read More

ज्योतिराव फुले: आधुनिक युग में दलितों-बहुजनों, महिलाओं एवं किसानों के संघर्ष के पहले नायक

तुम कैसे बेशर्म हुए, वश में होकर इन ब्राह्मणों के नित छूने को चरण अरे तुम झुक… Read More

संविधान दिवस पर विशेष: डॉ. आंबेडकर को ही भारतीय संविधान का निर्माता क्यों कहा जाता है?

26 नवंबर 1949 को डॉ. भीमाराव आंबेडकर ने भारतीय संविधान को राष्ट्र को समर्पित किया था। संविधान… Read More

पाटलिपुत्र की जंग: बिहार के नौजवानों का अपमानजनक पलायन और भूमि सुधार का प्रश्न?

बिहार में चुनावी माहौल गरम होता जा रहा है, एक से बढ़कर एक वादे किए जार रहे… Read More

पूंजी की सभ्यता-समीक्षा के कवि मुक्तिबोध

मुक्तिबोध गहन संवेदनात्मक वैचारिकी के कवि हैं। उनके सृजन-कर्म का केंद्रीय कथ्य है-सभ्यता-समीक्षा। न केवल कवितायें बल्कि… Read More