डॉ. सिद्धार्थ

यूपी कांग्रेस का सांगठनिक ढांचा ऐसा है नहीं कि दलित सहजता से जुड़ सकें

भले ही उत्तर प्रदेश में इंडिया गठबंधन के हिस्से के रूप में कांग्रेस को दलितों के एक… Read More

चे ग्वेरा की ‘मोटर साइकिल डायरीज़’ से भारतीय राजसत्ता आखिर भयभीत क्यों हो गई है?

चे ग्वेरा का भूत अब भारतीय राजसत्ता को सता रहा है। लगता है कि उनकी रूह कब्र… Read More

हाल-ए-लद्दाख-3: लद्दाखियों के पश्मीना मार्च से क्यों घबरा गई केंद्र सरकार?

लेह। गांधी के दांडी मार्च से प्रेरित लद्दाखियों की पश्मीना मार्च मांग और घोषणा केंद्र सरकार के… Read More

मुश्किल तो अपने समय के भगत सिंह के साथ खड़ा होना है: संदर्भ छत्तीसगढ़ में मारे गए 29 आदिवासी या गैर-आदिवासी

पहली बात कि भगत सिंह का मानना था कि ब्रिटिश साम्राज्य भारत के बहुसंख्यक लोगों के हितों… Read More

चंद्रशेखर आजाद: हिंदी पट्टी में एकमात्र मुखर आंबेडकरवादी राजनीतिक स्वर संसद में गूंजना ही चाहिए

19 अप्रैल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नगीना लोकसभा (सुरक्षित) निर्वाचन क्षेत्र में मतदान है। यहां आजाद… Read More