जिन लोगों को अफ़सोस है कि शारदा सिन्हा अपने गायन को समाज बदलने का हथियार नहीं बना… Read More
उपेंद्र चौधरी
“क्विल्स मैंग्ड डे ला ब्रियोचे”। यह एक मशहूर फ़्रांसीसी वाक्य है,जिसका अर्थ है-जब रोटी नहीं है,तो वे… Read More
वैशाली के पातेपुर प्रखंड में एक छोटी आबादी का गांव चपता है। यहां जब एक टूटी-फूटी झोपड़ी… Read More
सोचा जा सकता है कि बंटवारे के समय बंगाल में हुई हिंसा और तबाही की क्या प्रकृति… Read More
यह शख़्स कई प्रतीकों का एक समग्र प्रतीक था। हर व्यक्ति की तरह इसकी कई पहचान थी।… Read More
सवाल पैदा होता है कि अस्पृश्यता के लिए ज़िम्मेदार वर्णव्यवस्था के समर्थक गांधी की आत्मकथा, ‘माई एक्सपेरियंस… Read More
पांच जनवरी को बीजेपी नेता अमित शाह त्रिपुरा में थे और उनके सामने थी एक विशाल जनसभा।… Read More
पारंपरिक परिवार, रूढ़िवादी समाज से लेकर देश-दुनिया की तमाम हुक़ूमतें, सत्ता की तरफ़ से पैदा किए गए… Read More
भारत की राजनीति हमेशा यहां की संस्कृति से प्रभावित रही है। जिन्होंने भी यहां की राजनीति में… Read More
उच्चतर डिग्री हासिल करके पढ़ा-लिखा होना इस बात का सुबूत नहीं बन जाता कि हम जागरूक भी… Read More