पटना। भाकपा (माले) का 14वाँ पटना महानगर सम्मेलन (2-3 अगस्त) का दो दिवसीय आयोजन आज देर शाम पटना के दारोगा राय पथ स्थित स्वतंत्रता सेनानी हॉल में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पार्टी ने प्रतीकात्मक रूप से पटना का नाम चारु नगर, हॉल का नाम कॉ. राजाराम-मीना राय सभागार, और मंच का नाम कॉ. तोता चौधरी-अशोक कुमार मंच रखा।
सम्मेलन के दूसरे दिन सत्र को भाकपा (माले) पोलितब्यूरो सदस्य कॉ. अमर, कृष्णदेव यादव, अभ्युदय, सरोज चौबे, आर.एन. ठाकुर, शशि यादव, रणविजय कुमार, रामबली प्रसाद, अनिता सिन्हा, शंभूनाथ मेहता, मुरतजा अली, पन्नालाल सिंह, प्रीति कुमारी, पुनीत कुमार, विनय कुमार, तपेश्वर मांझी, और बिंदेश्वरी सिंह सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इसके अतिरिक्त, सम्मेलन में शामिल 153 प्रतिनिधियों में से 29 प्रतिनिधियों और अतिथियों ने भी सत्र को संबोधित किया।

माले बिहार राज्य कमिटी सदस्य कमलेश कुमार की देखरेख में संपन्न निर्वाचन प्रक्रिया में जितेंद्र कुमार को सर्वसम्मति से पटना महानगर का नया सचिव निर्वाचित किया गया। साथ ही, 31 सदस्यीय महानगर कमिटी का गठन किया गया, जिसमें चार साथियों को आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
सम्मेलन में सात सूत्री राजनीतिक प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। पारित प्रस्तावों में बिहार में चल रहे मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को वापस लेने की मांग की गई। प्रस्ताव में 36 लाख मतदाताओं के नाम प्रारूप मतदाता सूची से हटाए जाने की तीखी निंदा की गई और इसे लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए सभी प्रभावित मतदाताओं के नाम पुनः सूची में शामिल करने की मांग की गई। पूरे अगस्त माह में ‘चलो बूथ की ओर’ अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
सम्मेलन ने गाजा-फिलिस्तीन में चल रहे बर्बर जनसंहार की कड़ी निंदा की और भारत सरकार से इजरायल के प्रति अपनाई गई पक्षपातपूर्ण नीति को त्यागकर देश की पारंपरिक नीति के अनुरूप फिलिस्तीन के स्वतंत्र राष्ट्र के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की।

सम्मेलन ने पटना शहर में बिना वैकल्पिक व्यवस्था के चलाए जा रहे उजाड़ अभियान पर रोक लगाने, पटना और जल्ला क्षेत्र को भारी जलजमाव से मुक्ति दिलाने, तथा पूरे बिहार को अपराधमुक्त बनाने की मांग की। प्रस्ताव में कहा गया कि भाजपा-नीतीश सरकार ने बिहार को पुनः अपराध, गुंडागर्दी, और अराजकता में धकेल दिया है। जानीपुर और फुलवारीशरीफ में दो बच्चों को जिंदा जलाकर की गई निर्मम हत्या के खिलाफ संघर्षरत सैकड़ों नागरिकों और भाकपा (माले) विधायक कॉ. गोपाल रविदास पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की गई। इसके साथ ही, 4-5 अगस्त को दो दिवसीय पटना जिला स्तरीय विरोध दिवस आयोजित करने का आह्वान किया गया।
(प्रेस विज्ञप्ति)