Thursday, January 20, 2022

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महंगाई पर रोक लगाने और पेगासस पर अमित शाह के इस्तीफे की मांग को लेकर आरवाईए का प्रदर्शन

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लखनऊ/इलाहाबाद। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि पर रोक लगाने, दाल, तेल, गैस व पेट्रोल-डीजल के बढ़ रहे दाम पर रोक लगाते हुए दाम 60 रुपया से नीचे लाने तथा पेगासस जासूसी कांड के जिम्मेदार गृहमंत्री अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग पर देशव्यापी आह्वाहन के तहत उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में आरवाईए ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह व सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि गरीब की थाली से दालें गायब हो रही हैं और उसके लिए दो जून की रोटी जुटाना मुश्किल होता जा रहा है, जबकि भाजपा नेताओं में मोदी के गुणगान की होड़ लगी है। 

दालों के दाम ढाई सालों में ही चार गुना से ज्यादा बढ़ गए हैं और भाजपा के लोगों ने भी महंगाई पर चुप्पी साध ली है, जिससे साफ साबित होता है कि मोदी सरकार और भाजपा के लोगों को आम जनता की कोई परवाह नहीं है, भाजपा मात्र सत्ता पाने के लिए लोगों को गुमराह करती है। उनका कहना था कि मोदी सरकार पेट्रोल के दाम 4-5 रुपए बढ़ाने के बाद जब एकाध रुपए कम कर देती है, तो सरकार अच्छे दिन आ जाने के माहौल बनाने लगती है। पड़ोसी देशों में भारत से आधी कीमत पर पेट्रोल डीजल बिक रहा है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में पेट्रोल के दामों में भारी कमी आने के बावजूद मोदी सरकार देश के लोगों को वाजिब कीमतों पर पेट्रोल मुहैया नहीं करवा रही।

उन्होंने कहा कि दालों सहित खाद्य वस्तुओं के दामों में आया उछाल यह साबित करता है कि मोदी सरकार ने आम आदमी के हितों की बलि देकर चंद औद्योगिक घरानों को लूट की खुली छूट दे रखी है। नेताओं ने कहा कि महंगाई पर भाजपा नेताओं की चुप्पी भी यही साबित करती है कि दाल में कुछ काला ही नहीं है पूरी दाल ही काली है।

इलाहाबाद के सह संयोजक प्रदीप ‘ओबामा’ ने कहा कि मोदी सरकार ने अपने ढाई वर्षों के कार्यकाल में आम आदमी की सुध लेने और वायदे निभाने की बजाए षड्यंत्र रचने में समय बिता दिया है, इससे साफ जाहिर होता है कि एनडीए और भाजपा का लोकतंत्र में विश्वास नहीं रह गया है। पेगासस जासूसी कांड इस षड्यंत्र का चरम रूप है। पेगासस का इस्तेमाल भारतीय नागरिकों के फोन हैक करने के लिए किया गया था। राजनीतिक नेताओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं के निजी फोन की इतने बड़े पैमाने पर घुसपैठ निगरानी निजता के अधिकार का घोर उल्लंघन है। उच्चतम न्यायालय ने निजता के अधिकार को मूल अधिकार में शामिल किया है। पेगासस जासूसी नागरिकों की नागरिक स्वतंत्रता का हनन है। इनमें से कुछ फोनों के साइबर फोरेंसिक विश्लेषण से पता चला है कि कुछ लक्षित फोनों में पेगासस सॉफ्टवेयर डाला गया था। यह भारत सरकार के इशारे पर किया गया था, यह इस तथ्य से स्पष्ट है कि एनएसओ इस सॉफ्टवेयर को केवल सरकारों को बेचता है।

इस मौके पर इंकलाबी नौजवान सभा (इनौस) ने महंगाई कम करने और पेगासस जासूसी कांड के जिम्मेदार गृहमंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की।

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