राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक प्रवीण तोगड़िया ने राम मंदिर में हुई चोरी पर चुप्पी तोड़ी है। अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के स्थापना दिवस पर संगठन के कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन संबोधित करते हुए तोगड़िया ने कहा, “भगवान राम के मंदिर में हुई चोरी से मेरा दिल टूट गया है। चढ़ावे की चोरी पिछले दो वर्षों से चल रही है। इस चोरी में कोई एक व्यक्ति शामिल नहीं है। इस चोरी में पच्चीस-पचास से भी अधिक व्यक्तियों की भूमिका है। जिस मंदिर के लिए मैंने अपनी जवानी, डॉक्टरी, घर-बार सब कुछ छोड़ दिया, ऐसा करने वाला मैं अकेला नहीं था। लाखों हिन्दुओं ने अपने जीवन का सब कुछ त्याग दिया था। माताओं ने बेटे कुर्बान किए थे। ऐसी थी राम के प्रति हमारी श्रद्धा।”
तोगड़िया 1980 और 1990 के दशक में विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) का प्रमुख चेहरा थे और राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक थे। गुजरात में 2002 के दंगों के बाद नरेंद्र मोदी मजबूत होते गए, वैसे-वैसे प्रवीण तोगड़िया की हिन्दुओं पर पकड़ कमजोर होती गई। एक समय ऐसा आया जब तोगड़िया कि विश्व हिन्दू परिषद से भी छुट्टी कर दी गई। वर्ष 2018 में तोगड़िया ने अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद की स्थापना की। इसी संगठन के स्थापना दिवस पर तोगड़िया देशभर के अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
तोगड़िया ने आगे कहा, “अयोध्या में हुई चोरी श्रद्धा के साथ खिलवाड़ है। मैं एक ही प्रार्थना करता हूँ कि इस चोरी का केस फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए और दोषियों को मृत्युदंड की सज़ा दी जाए। यह केवल चोरी का अपराध नहीं है। यह करोड़ों लोगों की श्रद्धा की हत्या का मामला है। इसलिए भगवान राम के घर चोरी करने वालों को केवल मृत्यु मिलनी चाहिए। हम दस साल पहले ही इन सबसे निकल गए हैं। मैं उन लोगों से मांग करता हूँ कि हिन्दुओं की श्रद्धा पुनः स्थापित की जाए।”
(कलीम सिद्दीकी पत्रकार और एक्टिविस्ट हैं।)