बंगाल में हुई बलात्कार की घटना पर पूरे देश में आक्रोश का माहौल है। राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर छींटाकशी करने पर लगी है। मगर देश का कुछ धड़ा इस प्रकरण पर दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की मांग कर रहा है।
ऐसी ही एक मांग इलाहाबाद से क्वियर समुदाय व किन्नर समाज द्वारा उठाई गई। जिसमे इस समुदाय के साथ अन्य समाज के लोग भी एकत्र होकर रेपिस्टों को फांसी देने की मांग करते हुए पदयात्रा की।
1 सितंबर को अखिल भारतीय सतरंगी सलाम संगठन व समर्पित ट्रस्ट के द्वारा संयुक्त रूप से बलात्कार विरोधी अभियान चलाया गया। जिसमें PM, CM, CJI आदि को ज्ञापन सौंपने के लिए 04 बजे हस्ताक्षर अभियान चलाया गया और उसके बाद सेल्फी पॉइंट, हनुमान मंदिर पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गयी।
इस नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सभी ने सड़कों पर एक साथ उतरकर अपनी आवाज बुलंद करते हुए सरकार और न्यायालय से कड़ी मांग करते हुए ज्ञापन भी सौंपा।

इस प्रदर्शन में तमाम लोग रेप जैसे गम्भीर समस्या को दिखाने के लिए तमाम प्रकार के वेश भूषा धारण किये हुए पोस्टर और स्लोगन आदि के माध्यम से देश में हो रही इन दुर्दांत घटनाओं का विरोध किया। सभी ने महिलाओं के साथ रेप के साथ-साथ पुरुषों के साथ रेप, जानवरों के साथ रेप, ट्रांसजेंडरों के साथ रेप, BNS की खामियों आदि मुद्दों पर अपनी बातें रखीं।
इलाहाबाद जैसे शहर में एल.जी. बी. टी. क्यू. समाज के लोगों का यह प्रदर्शन अपने आप में अनोखा प्रदर्शन था। बढ़ते रेप के मामलों में ऐसा नहीं कि सिर्फ़ महिलाएं ही शिकार हो रही हैं बल्कि पुरुषों और अपनी अलग पहचान रखने वाले समाज के लोगों को इस समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
आंदोलन कर रहे लोगों ने फिर साढ़े पांच बजे से उसी स्थान से सुभाष चौराहा होते हुए धरना स्थल पत्थर गिरजाघर तक कैंडल मार्च किया गया।
इस रेप विरोधी अभियान में सतरंगी सलाम संगठन के सभी ट्रस्टी, पदाधिकारी, सदस्य और आम जनता शामिल हुई। सभी ने एक सुर में कहा कि रेप जैसे जघन्य अपराध पूरे समाज व मानवता पर कलंक है और इसे खत्म करने के लिए कड़े से कड़े कानूनों की आवश्यकता है और समय पर न्याय मिलना भी जरूरी है।
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि जी भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं। उनके साथ किन्नर समाज के दर्जन भर लोग भी शामिल हुए। जिन्होंने अपनी बात को पुरजोर तरीके से रखा। बलात्कार के बढ़ते मामलों के लिए शासन प्रशासन व्यवस्था के कमजोर होने की बात कही गई।
विरोध प्रदर्शन कर रहे संगठन से जुड़े लोग और आम जनता ने अपने हाथों में स्लोगन लिखे हुए पोस्टर के माध्यम से जनता को जागरूक करने की कोशिश की। उनका कहना है कि ‘पुरुष हो, किन्नर हो या नारी हो, सभी सम्मान के अधिकारी हों।’
(विवेक रंजन सिंह पत्रकारिता के छात्र हैं)
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