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उन्नाव कांड: पीड़िता के बाप की पुलिस हिरासत में मौत मामले में भी कुलदीप सेंगर दोषी करार, सजा पर बहस 12 मार्च को

उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या के मामले पर तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर कामता प्रसाद (सब इंस्पेक्टर), थाना प्रभारी अशोक सिंह भदौरिया, विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा, वीरेंद्र सिंह उर्फ बउवा सिंह, शशि प्रताप सिंह उर्फ सुमन सिंह और जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह को दोषी करार दिया है।

कोर्ट ने कहा कि रेप पीड़िता के पिता को इतनी बुरी तरह से पीटा गया था कि मौत हो गई। मृतक के शरीर पर 18 जख्म थे। इस मामले में आरोपी कॉन्स्टेबल अमीर खान को कोर्ट ने बरी कर दिया है। आरोपी शरदवीर सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, टिंकू सिंह और सोनू को भी कोर्ट ने बरी कर दिया है।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता की नौ अप्रैल, 2018 को न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। तीस हजारी कोर्ट ने इससे पहले 29 फरवरी को इस मामले पर सुनवाई की थी और फैसले के लिए चार मार्च की तिथि मुकर्रर की थी।

दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआईने केस को पुख्ता करने के लिए कुल 55 गवाहों के बयान कोर्ट में दर्ज कराए, इनमें पीड़िता के चाचा, मां, बहन के साथ पिता के सहकर्मी भी शामिल हैं। कुलदीप को आपराधिक साजिश (120बी) के तहत दोषी करार दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि कुलदीप का हत्या का इरादा नहीं था। पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटा गया। 12 मार्च को कुलदीप सेंगर को सजा का ऐलान होगा।

कोर्ट में दलील देते हुए कुलदीप सिंह सेंगर ने कहा कि वह निर्दोष हैं। इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर समेत 11 आरोपी थे। इनमें से चार को बरी कर दिया गया है। बाकी 7 को कोर्ट ने पीड़िता के पिता की कस्टडी में हुई मौत का दोषी माना है। फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि यह उनकी जिंदगी का सबसे चुनौतीपूर्ण ट्रायल रहा। जज ने सीबीआई की भी तारीफ की। जज ने कहा कि पुलिस कस्टडी में पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटा गया था।

उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की नौ अप्रैल 2018 में न्यायिक हिरासत में मौत हो गई थी। इस मामले में सीबीआई कुलदीप सिंह सेंगर समेत अन्य लोगों के खिलाफ हत्या के आरोपों की जांच कर रही थी। सीबीआई ने आरोपों को साबित करने के लिए पीड़िता की मां, चाचा, बहन और पिता के सहकर्मी समेत 55 लोगों के बयान दर्ज किए थे। जबकि बचाव पक्ष ने नौ गवाह पेश किए थे।

उन्नाव रेप केस में सेंगर पहले ही दोषी साबित हो चुका है। उसे आजीवन कारावास की सजा मिली है। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर को धारा 120 बी (आपराधिक साजिश), 363 (अपहरण), 366 (शादी के लिए मजबूर करने के लिए एक महिला का अपहरण या उत्पीड़न), 376 (बलात्कार और अन्य संबंधित धाराओं) और पाक्सो एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और कानूनी मामलों के जानकार हैं। वह इलाहाबाद में रहते हैं।)

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This post was last modified on March 5, 2020 12:29 am

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