Monday, October 18, 2021

Add News

artist

थम गईं उंगलियां तो बेजान हो जाएंगी कठपुतलियां!

वाराणसी। वृद्ध इमरती की उंगलियों में कठपुतलियों की जान बसती है। 72 साल के इमरती जब अपनी उंगलियों को नचाते हैं तो कठपुतली के नाचने के साथ ही लोक कला की मरती दुनिया का सच सामने आ जाता है...

फिल्म इंडस्ट्री के बड़े-बड़े धुरंधर किसान आंदोलन पर चुप हैं: नसीरुद्दीन शाह

(नसीरुद्दीन शाह। भारत के जीवित कलाकारों में सबसे बड़ा नाम। इनकी समझदारी भरी संवेदनशीलता हमें अक्सर रास्ता दिखाती आई है। पिछले कई दिनों से नसीर साहब अपने बयानों को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं। उनसे बात की जमील...

गुवाहाटी: जेल में बंद एक्टिविस्ट अखिल गोगोई की वाल पेंटिंग बनाने पर 4 कलाकार गिरफ्तार

असम के जाने माने आरटीआई कार्यकर्ता और मुक्ति संग्राम समिति के नेता अखिल गोगोई की वाल पेंटिंग बनाने पर गुवाहाटी पुलिस ने चार आर्टिस्टों को गिरफ्तार किया है। घटना बीते मंगलवार, 17 नवंबर की है। लाइव लॉ के मुताबिक, अखिल...

पुस्तक समीक्षा: झूठ की ज़ुबान पर बैठे दमनकारी तंत्र की अंतर्कथा

“मैं यहां महज़ कहानी पढ़ने नहीं आया था। इस शहर ने एक बेहतरीन कलाकार और प्रतिभाशाली रचनाकार को निगल लिया था। उसकी डायरी एक उत्कृष्ट नमूना थी। इस बात की गवाही थी कि वो नायक था। लेकिन उसके होने...

हबीब तनवीर की पुण्यतिथि पर विशेष: सबसे हबीब

भारतीय रंगमंच की कोई भी चर्चा हबीब तनवीर के बिना अधूरी ही रहेगी, हबीब तनवीर पर चर्चा का मतलब रंगमंच की कई शैलियों, अभिव्यक्तियों, अस्मिताओं इत्यादि पर एक साथ बात करना है। सच तो यह है कि हबीब तनवीर...

जब मंच पर लगे ताले, तो ये कर रहे हैं थियेटर वाले

थियेटर और फिल्मों के अभिनेता-लेखक-कवि दोस्त अमितोष नागपाल की फेसबुक वॉल पर कुछ रंगकर्मियों की तरफ़ से एक कवितानुमा मार्मिक अपील है। ये युवा रंगकर्मी इस मुश्किल वक़्त में दर्शकों के प्यार को याद करते हैं और उनकी ज़िन्दगियों...

जोहरा सहगल: जिंदगी की प्रतिबद्धता की बेबाक किताब

शख्सियतें जिंदगी की प्रतिबद्धता की वह खुली किताब होती हैं जिनके जिए का एक-एक लफ्ज़ धड़कता है और अपना होना दर्ज करता है। गुजर जाने के बाद भी। साहिबजादी जोहरा बेगम मुमताजुल्ला खान उर्फ जोहरा सहगल ऐसी ही एक...

फासीवाद को सबसे बड़ा खतरा कला से लगता है

कलाकार (कवि, फिल्म लेखक, संगीतकार, आर्ट एक्टिविस्ट) मयंक मुंबई से दिल्ली तक एनआरसी-सीएए-एनपीआर के खिलाफ़ देशभर में चल रहे जनांदोलन में अपनी कला के जरिए प्रतिरोध को अलग ही मुकाम दे रहे हैं। जनचौक के लिए सुशील मानव से...

सीएए और एनआरसी के खिलाफ़ धरने पर कला

मौजूदा सरकार द्वारा सीएए, एनआरसी और एनपीआर के द्वारा देश की अवाम के खिलाफ़ छेड़े गए युद्ध के प्रतिरोध में व्यापक जन आंदोलन उठ खड़ा हुआ है। मुल्क, संविधान और इंसान बचाने के इस जन आंदोलन में कलाकारों की...

मुसलमानों के बाद दलितों और फिर महिलाओं के खिलाफ आएगा फासीवाद

एनआरसी-सीएए-एनपीआर के खिलाफ़ विरोध का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। अब समाजसेवी, पर्यावरणविद, आर्टिस्ट और नागरिक समाज के लोग एनआरसी-सीएए के खिलाफ़ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं।  जामिया निवासी समाज सेविका टीएन भारती हाथों में महात्मा बुद्ध, अबुल...
- Advertisement -spot_img

Latest News

सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम की सिफारिशों पर सरकार का पिक एंड चूज का रवैया, टकराव की आशंका गहराई

इन दिनों लगभग रोज ही देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में जजों कि नियुक्ति की अधिसूचनाएं जारी हो रही...
- Advertisement -spot_img

Log In

Or with username:

Forgot password?

Forgot password?

Enter your account data and we will send you a link to reset your password.

Your password reset link appears to be invalid or expired.

Log in

Privacy Policy

Add to Collection

No Collections

Here you'll find all collections you've created before.