asur

झारखंड में आदिम जनजाति असुर की 300 आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर  

 वैसे तो झारखण्ड में बारह महीने ही पेयजल की भारी किल्लत रहती है, प्रायः ग्रामीण नदी, चुंआ… Read More

ख़ास रिपोर्ट: अपनी भाषा में अपनी बात यानि असुरों का अपना रेडियो!

‘नोआ हाके असुर अखड़ा रीडियो, एनेगाबु डेगाबु सिरिंगेयाबु दाहां-दाहां तुर्रर….धानतींग नातांग तुरू…।’ लातेहार व गुमला जिले के… Read More