Friday, October 22, 2021

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commonsense

निजीकरण: मिथ और हकीकत

निजीकरण का राजनैतिक अर्थशास्स्त्र समझने के लिए किसी राजनैतिक अर्थशास्त्र में विद्वता की जरूरत नहीं है। सहजबोध (कॉमनसेंस) की बात है कि कोई भी व्यापारी कभी घाटे का सौदा नहीं करता, न ही उसका काम जनकल्याण या देश की...
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सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज की अध्यक्षता में हो निहंग हत्याकांड की जांच: एसकेएम

सिंघु मोर्चा पर आज एसकेएम की बैठक सम्पन्न हुई। इस बैठक में एसकेएम ने एक बार फिर सिंघु मोर्चा...
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