Thursday, October 21, 2021

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संस्कृतविद मोलवी, गोभक्त मुसलमान और नमाज की मुद्राओं में ऋचाएं पढ़ता एक वैदिकधर्मी युवक!

मेरे पिता को ऋग्वेद पूरा कंठस्थ था। वे अग्नि सूक्त से संज्ञान सूक्त तक धाराप्रवाह सुना सकते थे। यजुर्वेद तो उनके लिए सहज पाठ था। वह भी कंठस्थ, लेकिन हैरानी की बात ये थी कि उन्हें कुरआन की आयतें...
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घर बह गए, कई जानें गयीं! नैनीताल में चौतरफा तबाही का मंजर

उत्तराखंड के नैनीताल जनपद की रामगढ़ और धारी विकासखंड में लगातार 3दिन से हुई बारिश से मुक्तेश्वर रामगढ़ क्षेत्र...
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