राजनीति शहीदे आजम भगत सिंह: क्रांति की एक ऐसी लौ, जो आज भी लोगों के दिलो-दिमाग में जल रही है by डॉ. सिद्धार्थ March 23, 2026 (हवा में रहेगी मेरे ख्यालों की बिजली ये मुश्ते ए खाक है फानी रहे न रहे) भगत… Read More
बीच बहस जोश मलीहाबादी की पुण्यतिथि: मेरा नाम इंकलाबो, इंकलाबो, इंकिलाब by ज़ाहिद खान February 21, 2021February 21, 2021 उर्दू अदब में जोश मलीहाबादी वह आला नाम है, जो अपने इंकलाबी कलाम से शायर-ए-इंकलाब कहलाए। जोश का… Read More
संस्कृति-समाज जन्मदिन पर विशेषः मजाज़ की शायरी में रबाब भी है और इंक़लाब भी by नाज़िश अंसारी October 19, 2020October 19, 2020 एक कैफ़ियत होती है प्यार। आगे बढ़कर मुहब्बत बनती है। ला-हद होकर इश्क़ हो जाती है। फिर… Read More