Tuesday, January 18, 2022

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कोरोना के दौर में हाउसफुल तख्तियों के साथ वैचारिक नाटक!

एक ऐसे समय जब विकार का बोलबाला है…विकार  आस्था, धर्म और राष्ट्रवाद का चोला ओढ़ विचार पर तांडव कर रहा है। संविधान सम्मत न्याय, अधिकार, समता की आवाज़ देशद्रोह है। लोकतंत्र की आत्मा प्रतिरोध देशद्रोह है। जब समाज एक...

बड़ी अपेक्षाएं हैं ग्लासगोव जलवायु सम्मेलन से

बड़ी अपेक्षाओं के साथ ब्रिटेन (स्कॉटलैंड) के ग्लासगो शहर में जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक सम्मेलन सीओपी 26 शुरू हो गया है। यह सम्मेलन पहले के कई सम्मेलनों से इस मामले में अलग है कि इसमें किसी राजनीतिक मसले पर...

भारत से जुड़े भ्रष्टाचार के साये में दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्ष

क्या यह महज संयोग है कि दुनिया के चार राष्ट्राध्यक्ष भ्रष्टाचार के मामले में फंस रहे हैं और इन सबका इंडिया कनेक्शन है। दक्षिण अफ्रीका के एक पूर्व राष्ट्रपति को तो जेल की सजा हो गयी है जबकि फ़्रांस...

“न्यायतंत्र भारत से विदा हो चुका है”

(कहा जाता है कि किसी चीज को नापने का सबसे बड़ा पैमाना जनमत होता है। और लोकतंत्र में वैसे भी इसकी अनदेखी नहीं की जा सकती। मामला जब सीधे सिस्टम या फिर उससे जुड़ी किसी संस्था का हो तो...

कामरा के खिलाफ अवमानना केस: फ्रीडम ऑफ स्पीच का मतलब सुप्रीम कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाना नहीं

भारत के एटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने यह कहते हुए कि लोगों को आजकल लगता है कि वो मुखर और अंधाधुंध तरीके से उच्चतम न्यायालय  और जजों की निंदा कर सकते हैं और ऐसा करके उन्हें लगता है कि...

प्रशांत भूषण के समर्थन में इलाहाबाद से लेकर देहरादून तक देश के कई शहरों में प्रदर्शन

नई दिल्ली/देहरादून/इलाहाबाद। अधिवक्ता प्रशांत भूषण के अपने ट्विटर हैंडल से सीजेआई शरद अरविंद बोबडे के भाजपा नेता की 50 लाख की बाइक पर बैठने की आलोचना करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच द्वारा...

न्यायिक संस्था नहीं! सरकार का हथियार बन गया है सुप्रीम कोर्ट

कोर्ट की ‘अवमानना’ हो गई है, न्यायाधीश ने यही माना है। ‘अवमानना’ मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे पर की गयी टिप्पणी से हुई है। प्रशांत भूषण को इसके लिए दोषी ठहराया गया। सर्वोच्च न्यायपालिका ने माननीय न्यायाधीश अरुण मिश्रा के...

अवमानना मामले की सुनवाई में दवे ने कहा- प्रशांत भूषण के ट्वीट्स से नहीं पड़ी न्याय प्रशासन में बाधा

उच्चतम न्यायालय के जस्टिस अरुण मिश्रा, बीआर गवई और कृष्ण मुरारी की पीठ ने आज अपने दो ट्वीटों के माध्यम से कथित रूप से संस्थान को कलंकित करने के लिए अधिवक्ता प्रशांत भूषण के खिलाफ शुरू किए गए सू...

अवमानना मामला: पीठ प्रशांत भूषण के स्पष्टीकरण पर करेगी फैसला- 11 साल पुराना मामला बंद होगा या चलेगा?

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार 4 अगस्त, 20 को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के विरुद्ध वर्ष 2009 में दायर एक अवमानना मामले में उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को स्वीकार करने या न करने पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। यह आदेश...

प्रशांत भूषण अवमानना मामले में अंतरराष्ट्रीय शख्सियतों की पहल: चीफ जस्टिस से की केस वापस लेने की गुजारिश

(सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील तथा जनहित और मानवाधिकार के सवालों पर अनवरत लड़ाई लड़ने वाले प्रशांत भूषण के अवमानना का मामला बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। भारत में न्यायविदों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बाद अब अंतरराष्ट्रीय...
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पुस्तक समीक्षा: सर सैयद को समझने की नई दृष्टि देती है ‘सर सैयद अहमद खान: रीजन, रिलीजन एंड नेशन’

19वीं सदी के सुधारकों में, सर सैयद अहमद खान (1817-1898) कई कारणों से असाधारण हैं। फिर भी, अब तक,...
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