Monday, October 18, 2021

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मोदी राज में मनरेगा में हुआ 935 करोड़ का घोटाला

ग्रामीण विकास मंत्रालय के ऑडिट में मनरेगा में हुए 935 करोड़ के घोटाले का आंकड़ा सामने आया है। कांग्रेस के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने इसका खुलासा करते हुए कहा कि पिछले चार वर्षों में ग्रामीण विकास मंत्रालय के ऑडिट में मनरेगा...

झारखंडः मेले पर अचानक पुलिस लाठीचार्ज से उग्र हुए ग्रामीण, दोनों तरफ से कई घायल

23 अप्रैल 2021 को झारखंड के सराइकेला खरसावां के दलमा पहाड़ के तराई क्षेत्र समनपुर पंचायत के अंतर्गत बामनी ग्राम में भोक्ता परब के तहत चड़क पूजा मेले में उस वक्त ग्रामीणों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो...

किसानों का यह संघर्ष ही भारतीय अर्थव्यवस्था के तमाम संकटों की कुंजी है

भारत में ग्रामीण अर्थव्यवस्था के साथ पूंजीवाद का संबंध उपनिवेश और औपनिवेशिक शक्ति के बीच के संबंध का रूप ले चुका है। पिछले तमाम वर्षों में गांवों में निवेश और गांवों से धन की निकासी के बीच भारी फ़र्क़...

झारखंड: ढोलकट्टा गांव में सीआरपीएफ ने अंत्येष्टि में आए ग्रामीणों को पीटा

झारखंड में सरकार बदल गई है, लेकिन अर्द्धसैनिक बलों (सीआरपीएफ) की गुंडागर्दी जारी है। सीआरपीएफ जब भाकपा (माओवादी) के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जंगलों में जाती है, तो वहां ग्रामीणों को भी बेवजह पीटने और गाली-गलौच करने से...

झारखंडः वन विभाग के कारनामों से ग्रामीण परेशान, हो सकता है हिंसक संघर्ष

वन विभाग की मनमानी और कारनामों की ख़बरें समय-समय पर सामने आती रही हैं। कानून को ठेंगा दिखाना और जंगल को बचाने के बजाये जंगल को बर्बाद करने वालों से सांठगांठ रखना इनकी आदतों में शुमार है। झारखंड में...

पलायन या फिर खुदकुशी बन गयी किसानों की नियति

भारत में औद्योगीकरण अभी तक भारतीय समाज में वर्गीकृत (क्लासिफाइड) मजदूर की रूप रेखा तैयार नहीं कर पाया है। हमेशा से यह देश व्यापक रूप में कृषि प्रधान माना जाता रहा है। दुनिया के बदलते स्वरूप में ब्रिटिश अम्पायर...

अडानी की पैरोकार बनी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार, कोल खनन परियोजना के खिलाफ 52 दिनों से जारी है आंदोलन

छत्तीसगढ़ में हसदेव अरण्य के ग्रामीण पिछले 52 दिनों से अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी यह लड़ाई महत्वपूर्ण वन क्षेत्र को बचाने, अपनी आजीविका, संस्कृति और प्राकृतिक धरोहर को बचाने, संविधान में आदिवासियों के अधिकारों की...

माल्या-अडानी के लिए पैसा है, किसान के लिए नहीं: पी साईनाथ

वाराणसी। देश के जाने-माने पत्रकार पी साईनाथ ने इस बात पर चिंता जताई कि भारत में किसानों की आमदनी तेज़ी से कम हो रही है। किसान अपने ही खेतों में मज़दूर की तरह हो गए हैं जो कॉरपोरेट के फ़ायदे के लिए...
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