वे शाहीन बाग़ के बच्चों को रौशनी के फूल देते हैं

लहूलुहान मंज़र में टूट जाने के बजाय उम्मीद के फ़ूल खिलाने में मुब्तिला रहने वाले लोग कैसे होते होंगे,  यह…