Tuesday, October 19, 2021

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तेल की राजनीति, तालिबान और इस्लामोफोबिया का भारत पर प्रभाव

अफगानिस्तान से अमरीकी सेना की वापसी के नतीजे में वहां तालिबान सत्ता में आ गए हैं। अफगानिस्तान का घटनाक्रम चिंता पैदा करने वाला है। वहां के अल्पसंख्यकों और मुसलमानों ने देश से किसी भी तरह भाग निकलने के जिस...

मुस्लिम चरमपंथियों के खिलाफ बोलने के चलते मुझे दो बार पुलिस अभिरक्षा में रहना पड़ा: जावेद अख्तर

3 सितम्बर, 2021 को जब मैंने एनडीटीवी को इंटरव्यू दिया था तो मुझे मालूम नहीं था कि मेरी बातों पर इस तरह की तीखी प्रतिक्रिया पैदा होगी। एक तरफ़ कुछ लोगों ने बड़े कड़े शब्दों में अपनी नाराजगी और...

तालिबान आरएसएस के कितना करीब और कितना अलग?

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी ने उनके पिछले शासनकाल की यादें ताजा कर दी हैं। उस दौरान तालिबान ने शरिया का अपना संस्करण लागू किया था और महिलाओं का भयावह दमन किया था। उन्होंने पुरुषों को भी...

तालिबान और पाकिस्तान के खिलाफ जगह-जगह सड़कों पर सामने आया आम अफगानियों का गुस्सा

अफ़ग़ानिस्तान की राजधानी काबुल की सड़कों पर इस समय तालिबान और पाकिस्तान के ख़िलाफ़ विरोध मार्च निकाला जा रहा है। खास बात यह है कि इस विरोध प्रदर्शन में तालिबान से डरे बिना स्त्री पुरुष दोनों की बराबर की...

नागरिक संगठनों ने लिखा राष्ट्रपति को पत्र, कहा- अफगानिस्तान पर सरकार को दें जरूरी निर्देश

(वाराणसी के विभिन्न संगठनों ने अफगानिस्तान की मौजूदा स्थितियों पर भारत के राष्ट्रपति को एक पत्र लिखा गया है। जिसमें स्थानीय नागरिकों समेत वहां रहने वाले विदेशियों के सामने आने वाली परेशानियों पर चिंता जाहिर की गयी है। पत्र...

नसीरुद्दीन शाह ने क्यों बोला – तालिबान के लिए हिन्दुस्तान में जश्न मनाने वाले ज्यादा ख़तरनाक?

नसीरुद्दीन शाह ने हिन्दुस्तान के मुसलमानों के लिए बहुत अहम बात कह दी है जिसे नज़रअंदाज करना न तो आसान रह गया है और न ही नज़रअंदाज करके उस चिंता को दबाया जा सकता है जिसने शाह को यह...

उनके तालिबान तालिबान हमारे वाले संत !

अपने 20 साल के नाजायज और सर्वनाशी कब्जे के दौरान अफ़ग़ानिस्तान से लोकतान्त्रिक संगठनों, आंदोलनों और समझदार व्यक्तियों का पूरी तरह सफाया करने के बाद अमरीकी उसे तालिबानों के लिए हमवार बनाकर, उन्हें इस खुले जेलखाने की चाबी थमाकर...

भारत ने भी शुरू की तालिबान से बात

नई दिल्ली। आख़िरकार दोहा में भारत ने तालिबान से फिर बातचीत की। कतर में भारत के दूत दीपक मित्तल ने तालिबान नेता शेर मोहम्मद अब्बास सतानेकजई से मुलाक़ात की। दरअसल, ठीक एक दिन पहले शेर मोहम्मद ने एक बयान...

अफ़ग़ानिस्तान: पुरातनपंथी जुझारूपन कहीं भी स्थिरता नहीं ला सकता

अफ़ग़ानिस्तान में हामिद करजई और अब्दुल्ला अब्दुल्ला जैसे नेताओं से पहले वार्ता और उसके बाद उन्हें नज़रबंद करने का वाक़या यह सवाल उठाता है कि उस देश में किसी सर्वसमावेशी सरकार का गठन कैसे संभव होगा जहां किसी भी...

अमेरिकी पतवार के हवाले भारतीय विदेशी नीति की नाव

आजादी के बाद भारतीय विदेशी नीति पंचशील सिद्धांतों के सहारे बुनी गयी थी और गुटनिरपेक्षता उसके केन्द्र में थी। एक-दूजे की क्षेत्रीय अखण्डता और संप्रभुता का आदर, पारस्परिक आक्रमण या हस्तक्षेप रहित समता, आपसी लाभ के लिए शांतिपूर्ण सह...
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लोग कोरोना से मर रहे थे और मोदी सरकार के मंत्री संपत्ति ख़रीद रहे थे

कोरोनाकाल के पहले चरण की शुरुआत अप्रैल 2020 से शुरु होती है। जबकि कोरोना के दूसरे चरण अप्रैल 2021...
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