Tuesday, October 26, 2021

Add News

Trade Unions

आज वक्त मजदूरों को आवाज़ दे रहा है!

सदियों दासता, सामंतवाद से संघर्ष करने के बाद दुनिया में मज़दूरों ने 1 मई 1886 को अपने अस्तित्व का परचम फ़हराया। महज 105 साल में ही पूंजीवाद ने अपने पसीने की महक से विश्व का निर्माण करने वाले मेहनतकश...

श्रमिकों को बंधुआ बनाने की तैयारी में मोदी सरकार

हाल ही में केंद्र सरकार ने इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड बिल लोकसभा में पेश किया। यह बिल श्रमिकों को और मुश्किल में डालने वाला है। मोदी सरकार ने पूंजपीतियों को राहत देते हुए और श्रमिक यूनियनों पर शिकंजा कसते हुए...
- Advertisement -spot_img

Latest News

जन्मदिन पर विशेष: गांधी ने चाही थी गणेश शंकर जैसी मौत

25 मार्च, 1931 को कानपुर में एक अत्यंत दुःखद घटना हुयी थी। एक साम्प्रदायिक उन्माद से भरी भीड़ ने...
- Advertisement -spot_img