Saturday, October 23, 2021

Add News

Urdu poet

जयंती पर विशेष: निदा ने मुल्क के लिए छोड़ दिया था मां-बाप को

दोहा जो किसी समय सूरदास, तुलसीदास, मीरा के होंठों से गुनगुना कर लोक जीवन का हिस्सा बना, हमें हिंदी पाठ्यक्रम की किताबों में मिला। थोड़ा ऊबाऊ। थोड़ा बोझिल, लेकिन खनकती आवाज़, भली सी सूरत वाला एक शख्स, जो आधा...
- Advertisement -spot_img

Latest News

देशद्रोह मामले में शरजील इमाम को दिल्ली की अदालत से जमानत नहीं

दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्र शरजील इमाम को नागरिकता संशोधन अधिनियम...
- Advertisement -spot_img