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कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले : फ़ारूख़ ने कहा, कुछ लोग भारत में हिटलर की व्यवस्था लाना चाहते हैं

श्रीनगर। पिछले कुछ सप्ताहों में देश के विभिन्न हिस्सों में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमलों को लेकर… Read More

उत्तराखंड में वन भूमि पर अतिक्रमण : सुप्रीम कोर्ट ने निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाने का आदेश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर वन भूमि पर कथित अवैध कब्जे के मामले में… Read More

उत्तराखंड की सरकारी चिकित्सा व्यवस्था की स्थिति और चौखुटिया का स्वास्थ्य मिशन आंदोलन

क्या चौखुटिया के स्वास्थ्य मिशन के आंदोलन से उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों की हालत सुधार पाएगी? पिछले… Read More

उत्तराखंड: जनसुनवाई की आड़ में जनता की आवाज दबाने का प्रयास

देहरादून। उत्तराखंड में ‘जनसुनवाई’ कार्यक्रम, जिसका उद्देश्य जनता को अपने सुझाव, समस्याएं और चिंताओं को सीधे सरकारी… Read More

तमाम भ्रष्टाचार के आरोपी रहे मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति को चौथा कार्यकाल क्यों देना चाहती है धामी सरकार?

नैनीताल। उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति की पुनः कुलपति के पद पर… Read More

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग पर विश्वास का संकट 

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा रविवार, 29 जून को आयोजित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2025 में मात्र 50.47 प्रतिशत अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे यानी लगभग  49.53  प्रतिशत या 50,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया, जबकि उन्होंने इसके लिए आवेदन अवश्य किया था पिछले वर्ष 2024 में इसी परीक्षा में 47.67 प्रतिशत ही परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे,जबकि आवेदकों की कुल संख्या करीब 1.5 लाख थी।इस बार आवेदन संख्या घटी है 1,01,964 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया लेकिन अनुपस्थित रहने वालों  की संख्या अब भी लगभग आधी  बनी हुई है। सरकार और आयोग इसे “बारिश के बावजूद भागीदारी में वृद्धि” कहकर अपनी पीठ खुद ठोक रहे हैं।लेकिन इस सतही संतोष के  पीछे कुछ गहरे और चिंताजनक सवाल छिपे हैं। आखिर,  बेरोजगारी के … Read More