जयसिंह रावत

अमरीकी आयोग ने बताया हिमंता, धामी और योगी को घोर साम्प्रदायिक

अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग की वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट ने भारत में धार्मिक स्वतंत्रता, राज्य-स्तरीय… Read More

उत्तराखंड की समान नागरिक संहिता पर वैश्विक सवाल

हाल ही में जारी अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (यूएससीआईआरएफ) की 2026 की वार्षिक रिपोर्ट ने भारत… Read More

सांप्रदायिकता की बलिवेदी पर उत्तराखंड का सामाजिक सद्भाव

उत्तराखंड, जिसे विश्व स्तर पर ‘देवभूमि’ के रूप में पूजा जाता है, अपनी शांत वादियों और आध्यात्मिक… Read More

“हम” लोगों का पंथ निरपेक्ष संविधान, हम सब का रखवाला है

एक सम्प्रभुता सम्पन्न समाजवादी धर्म निरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य भारत के संविधान को लागू हुये 71 साल पूरे… Read More

उत्तराखंड में धर्मांतरण विरोधी कानून: सरकार की मंशा पर सवाल

उत्तराखंड की धामी कैबिनेट ने हाल ही में उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता संशोधन विधेयक 2025 को मंजूरी दी… Read More

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग पर विश्वास का संकट 

उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (यूकेएसएसएससी) द्वारा रविवार, 29 जून को आयोजित उत्तराखंड सम्मिलित राज्य सिविल/प्रवर अधीनस्थ सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2025 में मात्र 50.47 प्रतिशत अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे यानी लगभग  49.53  प्रतिशत या 50,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया, जबकि उन्होंने इसके लिए आवेदन अवश्य किया था पिछले वर्ष 2024 में इसी परीक्षा में 47.67 प्रतिशत ही परीक्षार्थी उपस्थित हुए थे,जबकि आवेदकों की कुल संख्या करीब 1.5 लाख थी।इस बार आवेदन संख्या घटी है 1,01,964 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया लेकिन अनुपस्थित रहने वालों  की संख्या अब भी लगभग आधी  बनी हुई है। सरकार और आयोग इसे “बारिश के बावजूद भागीदारी में वृद्धि” कहकर अपनी पीठ खुद ठोक रहे हैं।लेकिन इस सतही संतोष के  पीछे कुछ गहरे और चिंताजनक सवाल छिपे हैं। आखिर,  बेरोजगारी के … Read More