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भाजपा विधायक ने अदार पूनावाला को बताया डकैत, कहा- सीरम इंस्टीट्यूट को अधिग्रहीत करे सरकार

बुधवार की रात हरियाणा के पानीपत से लिक्विड ऑक्सीजन लेकर सिरसा के लिए चला एक टैंकर रास्ते से ही लापता हो गया है। पानीपत पुलिस ने शुक्रवार को कहा है कि जिला औषधि नियंत्रक की शिकायत पर एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच हो रही है।

पानीपत के मतलौदा थाने के प्रभारी मंजीत सिंह ने मीडिया को बताया कि बुधवार को पानीपत प्लांट से लिक्विड ऑक्सीजन भरवाने के बाद टैंकर सिरसा के लिए रवाना हुआ था, लेकिन वह अपने गंतव्य तक नहीं पहुंचा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं डीएसपी सतीश वत्स ने मीडिया को बताया कि पानीपत से सिरसा जा रहे ऑक्सीजन के एक टैंकर के लापता होने का मामला सामने आया है। ड्रग्स इंस्पेक्टर की तरफ से इस मामले में शिकायत आई थी कि हमने एक ऑक्सीजन का टैंकर सिरसा भेजा था, जो सिरसा नहीं पहुंचा। मामले की जांच जारी है।

वहीं एक अन्य घटना में बुधवार को हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने आरोप लगाया था कि अस्पतालों में भर्ती कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन लेकर पानीपत से फरीदाबाद जा रहा एक टैंकर दिल्ली सरकार द्वारा लूटा गया था, जब वह दिल्ली की सीमा से होकर गुज़र रहा था।

चोर ने सॉरी लिखकर लौटाया कोरोना वैक्सीन 
हरियाणा के जींद में सिविल अस्पताल में बीती रात एक चोर ने करीब 12 बजे कोरोना वैक्सीन की सैंकड़ों डोज चुरा ली, लेकिन चोर को अपनी गलती का एहसास और नैतिकता का बोध हुआ तो अगले दिन यानी गुरुवार को चोर सिविल लाइन थाने के बाहर एक चाय वाले को सारी दवाएं लौटा गया और साथ में एक नोट भी लिखकर छोड़ गया। जिस पर लिखा है- सॉरी मुझे पता नहीं था कि ये कोरोना वैक्सीन है।

जींद पुलिस के डीएसपी जितेंद्र खटकड़ ने मीडिया को बताया कि बीती रात करीब 12 बजे सिविल अस्पताल से कोरोना की कई डोज़ चोरी हो गई थी, लेकिन गुरुवार को दिन में करीब 12 बजे चोर सिविल लाइन थाने के बाहर चाय की दुकान पर बैठे बुजुर्ग के पास पहुंचा और उसे एक थैला सौंपते हुए कहा कि ये थाने के मुंशी का खाना है। जब बुजुर्ग वो थैला लेकर थाने में पहुंचा और वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने थैले को खोला तो उसमें से कोविशील्ड की 182 और कोवैक्सीन की 440 डोज बरामद हुई। साथ में हाथ से कॉपी के पेज पर लिखा हुआ एक नोट भी बरामद हुआ जिसमें लिखा था, “सॉरी मुझे पता नहीं था कि ये कोरोना की वैक्सीन है।”

डीएसपी जितेंद्र खटकड़ ने कहा कि हो सकता है कि चोर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन के चक्कर में कोरोना वैक्सीन चुरा ली हो। हालांकि अभी तक चोर के बारे में कोई जानकारी पुलिस को नहीं मिली है। पुलिस ने इस संबंध में अज्ञात लोगों के खिलाफ़ आईपीसी की धारा 457 और 380 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वहीं चोर की पहचान के बारे में कुछ सुराग पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस ने पीपी सेंटर के सामने अस्पताल के पुराने भवन में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाला, जिसमें दो युवक पिट्ठू बैग लिए दिखाई दे रहे हैं। कैमरे से बचने के लिए पार्क की ग्रिल से कूदकर पीपी सेंटर में घुसे थे। सुबह डीजीपी ने कहा था कि किसी जानकार ने ही वारदात को अंजाम दिया है।

कोरोना वैक्सीन मिलने के बाद भी पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए पूरा जोर लगा रखा है। घटना का पता चलते ही डीआईजी ओपी नरवाल ने घटना स्थल का जायजा लिया और चोरों को पकड़ने के लिए तीन टीमें गठित करके पूरे जिले की पुलिस को अलर्ट कर दिया। पुलिस की सख्ती देख 12 घंटे बाद ही चोर इन कोरोना डोज से भरा बैग सिविल लाइन के सामने चाय के खोखे पर रख गया। वहीं लगभग 12 घंटे तक फ्रिज से बाहर रही कोरोना की ये वैक्सीन और डोज प्रयोग के लायक हैं या नहीं, इस बारे में सिविल सर्जन ने मुख्यालय से गाइडलाइन मांगी है।

सिविल अस्पताल की प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिमला राठी ने सिविल लाइन थाना पुलिस को लिखवायी गई शिकायत में बताया है कि कोरोना वैक्सीन के जिला भंडारण के साथ पीपी सेंटर में वैक्सीनेशन बूथ बनाया हुआ है। वीरवार सुबह स्वीपर सुरेश कुमार सफाई करने पहुंचा तो दरवाजे के कुंडे टूटे हुए थे और वैक्सीन स्टोर खुला हुआ था। स्वास्थ्य निरीक्षक राममेहर वर्मा, पीपी सेंटर की वैक्सीन इंचार्ज शीला देवी ने मौके पर आकर देखा स्टोर के फ्रीज के बाहर बीसीजी, पोलियो वैक्सीन, हेपेटाइटिस-बी की वैक्सीन पड़ी हुई थीं और कोरोना वैक्सीन की 171 शीशी गायब थी। इनमें कोविशील्ड की 1270 और कोवैक्सीन की 440 डोज थीं।

चोर दूसरे कमरे की अलमारी में रखी फाइल भी ले गए, जबकि उसी अलमारी में भंडारे के लिए रखी गई 50 हजार रुपये की नकदी छोड़ गए। उस फाइल में आरटीआई और किसी कर्मचारी की पुराने जांच से संबंधित कागजात थे। गौरतलब है कि वैक्सीन का जिला भंडारण कक्ष होने के बावजूद वहां पर स्वास्थ्य विभाग ने न तो सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं और न ही सुरक्षा गार्ड तैनात किया है।

भाजपा नेता ने सीरम इंस्टीट्यूट के सीइओ को बताया डकैत, कहा- कंपनी को अधीग्रहित करे सरकार

गोरखपुर से बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने कोविड-19 रोधी टीके कोविशील्ड के दामों पर नाराज़गी जताते हुए इसे बनाने वाली कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) के सीईओ की तुलना ‘डकैत’ से की और सरकार से महामारी अधिनियम के तहत इसे ‘अधिग्रहित’ कर लेने का आग्रह किया है।

राधा मोहन दास अग्रवाल ने बुधवार को एक ट्वीट में कहा, ”अदार पूनावाला तुम तो डकैतों से भी बदतर हो। प्रधानमंत्री कार्यालय, अमित शाह, बीएल संतोष, डॉ. हर्षवर्धन को तुम्हारी फैक्टरी का एपिडेमिक ऐक्ट में अधिग्रहण कर लेना चाहिए।” वहीं एक दूसरे ट्वीट में वैक्सीन के उत्पादन और एमएसपी पर  भाजपा विधायक अग्रवाल ने कृषि लागत और दाम के लिये स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले का भी संदर्भ दिया है।

गौरतलब है कि अदार पूनावाला की कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया ने बुधवार को निजी अस्पतालों को 600 रुपये प्रति खुराक और राज्य सरकारों को 400 रुपये प्रति खुराक के हिसाब से वैक्सीन बेचने की घोषणा की थी, जबकि केंद्र सरकार के लिए वैक्सीन का दाम 150 रुपये प्रति खुराक है।

(जनचौक के विशेष संवाददाता सुशील मानव की रिपोर्ट।)

This post was last modified on April 23, 2021 7:30 pm

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