Monday, October 25, 2021

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मुरादनगर श्मशान घाट हादसे के पीड़ितों ने शवों को सड़क पर रख कर लगाया जाम

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मुरादनगर श्मशान घाट हादसे के बाद गुस्साए परिजनों ने उखलारसी के पास शव रख कर दिल्ली-मेरठ रोड जाम किया है। नाराज प्रदर्शनकारी सीएम को बुलाने की मांग कर रहे हैं। मृतकों के परिजनों ने मुरादनगर में दो जगह जाम लगाया है। एक जगह चार शव और दूसरी जगह तीन शव रख कर परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। शव को रोड पर रखकर परिजन 15 लाख रुपये, एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। जाम लगने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।

वहीं मुरादनगर में मृतकों के परिजनों के प्रदर्शन के चलते मेरठ तिराहे से मुरादनगर तक भीषण जाम लग गया है। यह जाम मेरठ की सीमा में पहुंच चुका है। जाम के चलते राजनगर एक्सटेंशन से मुरादनगर की तरफ जाने वाले वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई है। इसी के चलते रूट डायवर्जन किया गया।

वहीं जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने आधिकारिक तौर पर 24 लोगों की मौत की पुष्टि की है।  डीएम ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है।

तीन आरोपी गिरफ़्तार, ठेकेदार फरार

गाजियाबाद (ग्रामीण) के एसपी इराज राजा ने मीडिया बाइट में बताया है कि “इस मामले में मुरादनगर थाने पर एफआईआर दर्ज़ किया गया है। अब तक पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ईओ निहारिका सिंह, जेई सीपी सिंह, सुपरवाइजर आशीष शामिल हैं। ठेकेदार अजय त्यागी व अन्य अज्ञात लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी।

इस मामले में आरोपियों पर आईपीसी की धारा 304 ( गैर इरादतन हत्या) धारा 337 (किसी व्यक्ति को खतरा पहुंचाने वाला कार्य करना), धारा 338 ( किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली चोट पहुंचाने वाला कार्य करना), आईपीसी की धारा 409 (धन का गबन व सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन), धारा 427 (बुरी मंशा, जिससे आर्थिक नुकसान हो) के तहत केस दर्ज किया गया है।

एनडीआरएफ, पुलिस और पीएसी ने करीब पांच घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। श्मशान में 55 लाख की लागत से गलियारे का निर्माण हुआ था और करीब पंद्रह दिन पहले ही इसे जनता के लिए खोला गया था।

वहीं इस मामले में राज्य के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों अखिलेश यादव और मायावती ने ट्वीट करके मरने वालों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बसपा अध्यक्ष मायावती ने लिखा है कि “यू.पी. के जिला गाजियाबाद, मुरादनगर में स्थित श्मशान घाट की छत गिरने से लगभग दो दर्जन लोगों की हुई मौत अति दर्दनाक व कष्टदायक। पीड़ित परिवार के प्रति अति संवेदना व कुदरत इन्हें इस दुःख को सहन करने की शक्ति दे। ”

वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मृतकों के लिए सरकार से 25 लाख मुआवजे की मांग करते हुए लिखा है- “उप्र के ग़ाज़ियाबाद के मुरादनगर में श्मशान घाट की छत गिरने से अब तक 17 लोगों की मौत, एक बेहद दुखद हादसा है। सरकार इसकी उच्च स्तरीय जांच कराये। और मृतकों को 25 लाख मुआवजा दे।”

वहीं सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश देते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और घायलों के उचित इलाज कराने की घोषणा की है।

किसान आज नहीं करेंगे मंच का संचालन, शाम को मृतकों को देंगे श्रद्धांजलि

मुरादनगर में हुई घटना के बाद यूपी गेट पर किसानों ने सोमवार को मंच का संचालन नहीं करने का निर्णय लिया है। भकियू मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने मीडिया को बताया कि हादसे में मारे गए लोगों को आज शाम किसान श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

कैसे क्या हुआ

बता दें कि कल 3 जनवरी रविवार को मुरादनगर के उखलारसी गांव की संगम विहार कॉलोनी निवासी जयराम (70 वर्ष) का निधन हो गया था। सुबह करीब 10:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा घर से शुरू हुई और करीब 10:45 बजे मुरादनगर के बंबा रोड श्मशान घाट पहुंची। अंतिम संस्कार में मोहल्ले और आसपास के इलाकों के करीब 50 लोग शामिल थे।

तभी अचानक बारिश हो गई। बारिश से बचने के लिए मरहूम जयराम के अंतिम संस्कार में शामिल अधिकांश लोग श्मशान घाट के प्रवेश द्वार पर बने 70 फीट लंबे गलियारे में जा खड़े हुए। अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद 11:30 बजे इसी गलियारे में मरहूम के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के लिए सभी लोग जमा हुए। इसी दौरान गलियारे की छत भरभरा कर गिर पड़ी। जिसके मलबे के तले करीब 40 लोग दब गए। आवाज़ सुनते ही आस-पास के स्थानीय लोग छेनी हथौड़ी लेकर बचाव कार्य के लिए दौड़े। सूचना मिलने पर कुछ देर में पुलिस, पीएसी भी पहुंची और स्थानीय लोगों के साथ बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और मलबे को हटाया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाल कर जिला एमएमजी अस्पताल समेत कई अन्य अस्पतालों में भेजा गया।

(जनचौक न्यूज ब्यूरो की रिपोर्ट।)

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