अवैध डिमोलिशन के खिलाफ गुजरात कांग्रेस चलाएगी अभियान, अध्यक्ष चावड़ा ने पीड़ितों के साथ की बैठक

अहमदाबाद। गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा से 100 से अधिक डेमोलिशन पीड़ितों से मुलाकात कर उनके दर्द में सहभागी बनते हुए सरकार की इस नीति के विरोध में एक संयुक्त संघर्ष का वादा किया है। अमित चावड़ा ने डेमोलिशन पीड़ितों और सामाजिक संगठनों को संबोधित करते हुए कहा कि “कांग्रेस सरकार अपनी जनता को घर का मालिक बनाने वाली सरकार थी, जबकि भाजपा सरकार अपनी जनता के घर तोड़ने वाली सरकार है।

यह बुलडोजर नीति जन विरोधी नीति है कांग्रेस पार्टी इस नीति के खिलाफ है, कांग्रेस पार्टी आप सभी के साथ है और आप के साथ सामाजिक संगठनों को लेकर संयुक्त लड़ाई लड़ेगी और न्याय दिलाएगी। जब तक सरकार अपनी नीति बदलती हम सब मिलकर सरकार के खिलाफ अपना संघर्ष जारी रखेंगे। जब तक जनता को मकान के बदले मकान और दुकान के बदले दुकान की नीति सरकार नहीं अपनाती है हम संघर्ष जारी रखेंगे। आगे की रणनीति के बारे में जल्द ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी।”

पिछले एक साल से अहमदाबाद सहित राज्य के अन्य शहरों में सरकार द्वारा डेमोलिशन ड्राइव चलाई जा रही है, जिसके तहत सिर्फ अहमदाबाद में 20 हजार से अधिक मकान और झोपड़ियां तोड़ी जा चुकी हैं। इस अभियान के नाम पर अडानी जैसे बड़े समूह भी अवैध रूप से डेमोलिशन ड्राइव का लाभ उठा रहे हैं। साबरमती नदी के पास शहर के मध्य में स्थित 100 साल पुरानी प्रसाद मिल की चाली में डेमोलिशन प्रक्रिया प्राइवेट बाउंसर्स द्वारा हुई जिसके बाद नगर निगम , पुलिस और सरकार सभी सवालों के कठघरे में हैं। क्योंकि इस मिल के नए निदेशकों में से एक निदेशक अडानी ग्रुप के वसंत भाई शांतिलाल अडानी हैं। 36900 चौरस मीटर की मिल में ही 100 वर्ष पुरानी बस्ती है आज इस का बाजार भाव लगभग 500 करोड़ रुपये है। 

अहमदाबाद में हो रहे डेमोलिशन पीड़ितों ने अमित चावड़ा को बताया कि सरकार और बिल्डरों की मिलीभगत से ही डेमोलिशन हो रहे हैं जिस कारण आम जन अपना आशियाना गंवा कर सड़क पर आ गयी है। प्रसाद मिल की चाली को तो प्राइवेट बिल्डर जिनमें गौतम अडानी के भाई शामिल हैं, बिना किसी अदालती आदेश के गिरा दिया गया। इसी चाली की निवासी धर्मी गोहिल ने बताया कि “जब मैंने अपने घर को बुलडोजर से बचाने की कोशिश की, तो चार-पांच बाउंसरों ने मुझे खींचकर बुलडोजर से नीचे उतार दिया। मैं एक महिला हूं, कोई पुरुष बाउंसर मुझे कैसे छू सकता है।”

85 साला नीमू बेन ने कहा- “मैंने नेहरु और इंदिरा सरकार से लेकर अब तक की सभी सरकारें देखी हैं इतनी निर्दयी सरकार कभी नहीं थी। मुझे भी चार पांच पुरुषों ने मेरे घर से उठाकर बाहर फेंक दिया। उनके पकड़ने से ही मेरे हाथ चोटिल हो गए। इन लोगों ने मेरी उम्र का भी ख्याल नहीं किया।” 

प्रसाद मिल के निवासियों ने आगे बताया कि “यह सब हवेली पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर चिराग गोसाईं की निगरानी में हो रहा था। उस दिन बारिश हो रही थी गोसाईं रेन जैकेट पहने थे जैकेट हटा कर हमें अपना नाम दिखाते थे। मेरा नाम याद कर लो जो करते बने कर लेना।” 

एकता यादव ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा- “मेरा भाई, जिसकी उम्र 19 साल है, पर दंगा करने का आरोप लगाया गया। इसके बाद पुलिस और नगर निगम ने हमारे किराए के घर पर बुलडोजर चला दिया। पहली बार उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन जिस वायरल वीडियो के आधार पर दंगे का आरोप लगा था, उस वीडियो में मेरा भाई है ही नहीं। फिर भी हमारे घर पर बुलडोज़र चला दिया गया और अब मकान मालिक हम से हर्जाना मांग रहे हैं।”

चावड़ा और पीड़ितों के बीच सकारात्मक बात चीत हुई जिससे पीड़ितों ने भी संतोष व्यक्त किया। इस बैठक का आयोजन “घर आंदोलन” के कौशर अली सैय्यद और कलीम सिद्दीकी ने किया था। गुजरात में कांग्रेस पार्टी अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रही है। राहुल गाँधी ने 2027 में गुजरात में भाजपा को सत्ता से उतारने की चुनौती दे चुके हैं। अमित चावड़ा पर पार्टी को फिरसे खड़ा करने का दबाव है और पार्टी उन मुद्दों की तलाश में है जिससे भाजपा को घेरा जा सके और नगर निगम से लेकर राज्य में सरकार बनाई जा सके।

(जनचौक की रिपोर्ट।)

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