पिछले 20 सालों से गृह विभाग की जिम्मेदारी नीतीश कुमार के पास थी। बिहार विधानसभा 2025 के चुनाव के बाद यह जिम्मेदारी भाजपा के नेता सम्राट चौधरी के पास आ गई है। जिम्मेदारी मिलने का अभी 24 घंटा भी नहीं हुआ था कि बिहार के बेगूसराय में पुलिस ने एक बाद एक एनकाउंटर किया। यूं समझिए एक तरफ पटना गांधी मैदान में नई बिहार सरकार का शपथ ग्रहण समारोह हो रहा था। दूसरी तरफ बेगूसराय पटना दियारा के बॉर्डर में एसटीएफ का एनकाउंटर चल रहा था।
साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र शालिग्राम और मल्हीपुर गांव के आसपास बेगूसराय में एसटीएफ और जिला पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में तेघड़ा थाना क्षेत्र के बनहारा गांव के रहने वाले राजकिशोर राय का बेटा शिवदत्त राय (27) मुठभेड़ में घायल हो गया। मौके से पुलिस ने भारी मात्रा में हथियार और कैश भी बरामद किया है। इसके अलावा भी दो लोगों को गोली लगी है।
इसे मीडिया और राजनीति विशेषज्ञ ‘योगी मॉडल’ से जोड़कर देख रहे हैं, यानी अपराधियों के खिलाफ तेज और निर्णायक कार्रवाई करने का प्रयास। आसान भाषा में कहें तो अगर कोई सीएम योगी मॉडल की बात करता है तो उनका इशारा ‘बुलडोजर की राजनीति’ की ओर होता है।
बीजेपी ऑफिस पहुंचे सम्राट चौधरी ने कहा कि, ‘नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में हमेशा सुशासन होगा। बिहार के सुशासन ने यहां हमेशा अराजकता को समाप्त किया है। बिहार अपराधियों के लिए नहीं है। यहां से अपराधियों को बाहर जाना होगा।’
इसका मतलब है कि नीतीश अब केवल चेहरा है, सत्ता का कंट्रोल अब एक अणे मार्ग से 5 देशरत्न मार्ग शिफ्ट हो गया। सम्राट चौधरी पर क्राइम, माफिया पर कार्रवाई, दंगों की रोकथाम, पुलिस सिस्टम, खुफिया रिपोर्ट पर एक्शन लेने की जिम्मेदारी होगी।
नीतीश कुमार बेअसर हो चुके हैं?
राजद से जुड़े नितेश कुमार बताते हैं कि,”सम्राट चौधरी के गृह मंत्री बनते ही आज बेगूसराय के साहेबपुर कमाल में जितने एनकाउंटर हुए हैं उनमें उनके टाइटल भले ही “ राय ” है लेकिन वो तीनों जाति से भूमिहार हैं। इसलिए ये समय भूमिहारों के साथ खड़े होने का है उनके लोगों के एनकाउंटर पर श्रीखंडी हंसी हंसने या किसी को दोष देने की नहीं है। ये जातंकी किसी के भी नहीं हैं इनका एक ही मकसद एक ही रंग है।”
करम यादव बताते हैं कि,”सच यह है कि शिवदत्त राय कोई बड़ा गैंगस्टर नहीं था ऐसे लोग अक्सर किसी बाहुबली या नेता की छत्रछाया में काम करते हैं। और कई बार सरकार रिकॉर्ड चमकाने या रास्ते साफ करने के लिए ऐसे चेहरों का एनकाउंटर कर देती हैं।अब सवाल यह है मीडिया अचानक सम्राट चौधरी को आयरन मैन क्यों दिखाने लगा। क्या यह संदेश दिया जा रहा है कि अब नीतीश कुमार बेअसर हो चुके हैं?”
योगी मॉडल का सच
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर योगी आदित्यनाथ सरकार ने जिस तरह से अपराधियों और माफियाओं पर एक्शन लिया, उसके चलते ये मुद्दा सुर्खियों में है। बीजेपी चुनाव में योगी मॉडल को प्रमुख चुनावी मुद्दा भी बनाती नजर आती है।
बिहार के वरिष्ठ पत्रकार परमवीर सिंह कहते हैं कि,”योगी मॉडल इतना ही बेहतर है तो एनकाउंटर को कानून में बना दीजिए। आप बिना नोटिस दिए किसी के जीवन भर की कमाई से बने घर को ढहा देते हैं, वो भी सरकार की ओर से ऐसा किया जाए तो ये हमारे देश के लिए बहुत नई चीज है।”
एक तरफ योगी मॉडल के जरिए अपराध कम होने की बात हो रही है। वहीं राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्ष 2019 की तुलना में 2020 में 28 फीसदी अपराध बढ़ गए. इसके अलावा सबसे ज्यादा हत्या और अपहरण के मामले भी उत्तर प्रदेश में ही दर्ज किए गए।
बेगूसराय में जो ‘एनकाउंटर’ हुआ है, वह अपराध खत्म करने से ज़्यादा, एक नेता की ‘हीरो’ वाली इमेज बनाने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को साइडलाइन करने की पॉलिटिक्स लग रही है।