मंत्री शिल्पा नेहा तिर्की ने धार्मिक नफरती ताकतों से रहने को किया सावधान 

झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने लोगों को धार्मिक नफरती ताकतों से सावधान रहने को कहा। वह पलामू के डाल्टनगंज के कथिड्रल चर्च प्रांगण में आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा में बोल रही थीं।

उन्होंने कहा, “पलामू की इस हृदयस्थली डाल्टनगंज में सभी धर्मावलम्बियों का एक मंच पर उपस्थिति हमें कितना सुकून दे रहा है। हम सभी लोग समाज और एक दूसरे को एकजुट रखने में अटूट विश्वास रखते हैं। लेकिन विडम्बना है कि आज देश, राज्य, समाज में विभिन्न धर्मों के बीच में नफरती ताकतें बड़ी तेजी से नफरत का जहर घोलने में दिन रात लगी हैं।”

उन्होंने कहा कि इन लोगों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने और सत्ता में बने रहने के लिए समाज में गहरी खाई पैदा कर दी है, जो मानवीय संवेदना को समाप्त कर रही है।

इस अवसर पर हिन्दू धर्मावलम्बी के धार्मिक अगुआ प्रभु नरायण पाठक ने प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “सत्य, सेवा, मानवता से बढ़कर इस दुनिया में दूसरा कोई धर्म नहीं है। मानव का मानव के प्रति जो कर्त्तव्य है, उसे हर मनुष्य को अपने जीवन में उतारना चाहिए, इसी से विश्व में आपसी प्रेम और सहिष्णुता बनी रहेगी। 

इस्लाम धर्मावलम्बी के अगुवा मोहम्मद सेराज अखमल ने कहा कि “मजहब हमें अमन, सुकून और शान्ति का पैगाम देता है। साथ ही अपने वतन से वफ़ादारी हो ये इस्लाम कहता है। हम चाहे जिस भी धर्म के मानने वाले हों, यदि तुम्हारा पड़ोसी भूखा सोने को विवश है और तुम चैन की नींद सो रहे हो तो समझ लेना तुम्हारी इन्सानियत मर चुकी है, धर्म का विनाश हो चुका है। इन्सान वही होता है जो दूसरों के दर्द को खुद का दर्द समझता है।”

सिख धर्मावलम्बी अगुवा सुन्दर सिंह रावी स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि “हमारा धर्म कपड़ों में नहीं बल्कि हमारे दिलों में है। यदि हमने सफ़ेद चोला पहन रखा है और दिल में कपट है तो हम गुरुनानक को मानने वाले एक ढोंगी हैं। यदि हमने अपने दिलों में सच को खोज लिया तो समझ लें हमें परमात्मा मिल गया। हम विभिन्न धर्मावलम्बियों के जिनको भी भगवान मानते हैं, सबने एकमात्र संदेश दिया है और वह है आपसी प्रेम, सहिष्णुता, सौहार्द और भाईचारा, यही असली धर्म है।”

सरना समिति के सुशील उरांव ने कहा कि “आज पूरी दुनिया में धर्म, जाति, लिंग, रंग के आधार पर इन्सान को इंसान से अलगाव किया जा रहा है। लेकिन हमारी धरती और हवा को कौन बांट सकता है। आज मानव धर्म चीख-चीख का पुकार रहा है, यदि धरती की सृष्टि को बचाना है तो जल, जंगल और जमीन को बचाना है, यही वास्तविक धार्मिक कर्त्तव्य है।”

प्रार्थना सभा में मनिका के विधायक रामचंद्र सिंह ने भी लोगों से आपसी प्रेम और भाईचारा बनाये रखने की अपील की।

सर्वधर्म प्रार्थना सभा के बाद एक विशाल क्रिस्मस गैदरिंग शोभा यात्रा निकाली गई। शोभायात्रा सदीक मंजिल चौक, छ: मुहान, कचहरी चौक, रेडमा चौक, रांची रोड होते हुए साधना सदन पहुंची। डाल्टनगंज आर्च विशप थिओदोर मास्करेंहंस की पहल पर आयोजित यह शोभायात्रा शान्तिपूर्ण तरीके से संपन्न की गई।

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