मुंबई। अमेरिका-इजरायल के ईरान के खिलाफ साम्राज्यवादी युद्ध और रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत के विरोध में प्रदर्शन करने वाले भारतीय क्रांतिकारी मजदूर पार्टी (RWPI) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
पार्टी के यहां जारी बयान के अनुसार प्रदर्शन मंगलवार, 17 मार्च, शाम मानखुर्द में संविधान चौक पर किया जा रहा था। प्रदर्शन रसोई गैस की किल्लत के कारण देश भर में लोगों के भीषण गर्मी में सिलेंडर के लिए लंबी कतारों में लगने के लिए मजबूर करने वाली नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी को बेनकाब करने के उद्देश्य से किया जा रहा था। खबरों के अनुसार कम से कम एक व्यक्ति की इस मामले में मौत हो चुकी है।
संकट के कारण कालाबाजारी भी हो रही है, जिसके नतीजतन अमीर लोग तो महंगे दामों पर सिलेंडर ले पा रहे हैं लेकिन बड़ी मेहनतकश आबादी खाली हाथ लौट रही है।
प्रदर्शनकारियों ने हाल के वर्षों में अमेरिकी-इजराइली साम्राज्यवादी गठजोड़ को भाजपा के समर्थन की और युद्ध को लेकर चुप्पी बरतने की भी आलोचना की और कहा कि युद्ध में बीस दिनों में तीन हज़ार से ज़्यादा निर्दोष नागरिक मारे जा चुके हैं जिनमें मासूम बच्चे शामिल हैं।
पार्टी के अनुसार प्रदर्शन के समय पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी और पुलिस ने प्रदर्शन शुरू होते ही बबन ठोके और धनंजय समेत कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि मानखुर्द पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगने वाला पत्र स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और प्रदर्शन स्थल से कार्यकर्ताओं को इसी आधार पर हिरासत में लिया कि प्रदर्शन की अनुमति पुलिस से नहीं ली गई थी।
बाद में हिरासत में लिए कार्यकर्ताओं को छुड़ाने के लिए प्रदर्शनकारी पुलिस थाने पर जमा हुए तो उन पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। आरोप है कि इसमें एक किशोर को चोटें आयें और एक गर्भवती महिला को भी चोट आयी जिसके कारण अस्पताल ले जाना पड़ा। कार्यकर्ताओं को रात साढ़े बारह बजे छोड़ा गया।
पुलिस ने मामले में पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं के ख़िलाफ़ एक एफआईआर दर्ज की है।
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)