लखनऊ। भाकपा (माले) ने मिर्जापुर के अहरौरा में शनिवार को ब्लास्टिंग के बाद चार खदान मजदूरों की मौत की घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मृतक चारों मजदूर सोनभद्र जिले के रहने वाले बताए गए हैं।
पार्टी के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने घटना की जमीनी हकीकत और इसके लिए जिम्मेदार परिस्थितियों का पता लगाने के लिए दो अलग-अलग टीमें गठित की हैं। एक टीम अहरौरा में घटनास्थल का दौरा कर तथ्य जुटाएगी, जबकि दूसरी टीम सोनभद्र जाकर मृतक मजदूरों के परिजनों से मिलेगी और उन्हें पार्टी की ओर से संवेदना प्रकट करेगी।
पार्टी की राज्य स्थायी समिति की सदस्य एवं मिर्जापुर जिला सचिव जीरा भारती के नेतृत्व में 11 सदस्यीय टीम रविवार को अहरौरा घटनास्थल का दौरा करेगी। टीम हादसे के कारणों, खनन की स्थिति, ब्लास्टिंग की प्रक्रिया तथा मजदूरों की सुरक्षा के इंतजामों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाएगी।
टीम में खेत मजदूर सभा के जिला सचिव भक्त प्रकाश श्रीवास्तव, आरवाईए के जिला अध्यक्ष सतीश यादव, पार्टी नेता सुरेश बीयार, चिंता, रामकेश भारती, भोला कोल, प्रभु बियार और ओम प्रकाश पटेल आदि शामिल हैं।
वहीं, सोनभद्र में मृतक मजदूरों के परिजनों से मिलने वाली टीम का नेतृत्व पार्टी के जिला सचिव सुरेश कोल करेंगे।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि अहरौरा क्षेत्र में अवैध खनन और खदान माफिया की सक्रियता की लगातार शिकायतें सामने आती रही हैं। सत्ता के संरक्षण में चल रहे खनन के इस पूरे खेल में मजदूरों की जान की कोई कीमत नहीं रह गई है। खदानों में काम करने वाले मजदूरों का भारी शोषण होता है और उनकी सुरक्षा के जरूरी इंतजामों की लगातार अनदेखी की जाती है।
उन्होंने कहा कि चार मजदूरों की मौत महज एक हादसा नहीं मानी जा सकती। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि ब्लास्टिंग किन परिस्थितियों में हुई, सुरक्षा मानकों का पालन हुआ या नहीं और खनन कार्य के लिए जिम्मेदार लोगों ने निर्धारित नियमों का पालन क्यों नहीं किया। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और लापरवाही अथवा अवैध गतिविधियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
माले राज्य सचिव ने मृतक मजदूरों के परिवारों को तत्काल 50-50 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को स्थायी रोजगार देने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि मजदूरों की जिंदगी से खिलवाड़ और अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
(प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित)