पॉडकास्ट में हॉफ मर्डर करने और दिल्ली और केंद्रीय मंत्री क्रमशः कपिल मिश्रा तथा चिराग पासवान ही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वरदहस्त होने का दावा करने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार किया।
इससे पूर्व कॉकरोच जनता पार्टी के सौरव दास और आशुतोष रांका, भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद, सांसद पप्पू यादव और यूथ कांग्रेस के नेताओं समेत लोगों ने संसद मार्ग पुलिस थाने का घेराव किया। जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान जिस निशु के पिता पर स्वतंत्र ने हमला किया था, वह भी पहुंची। इससे पूर्व राहुल गांधी पहले ही निशु के समर्थन में ट्वीट कर चुके थे।
उनकी मांग थी कि स्वतंत्र के खिलाफ मामले में हत्या के प्रयास, एससी/एसटी एक्ट और पाक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी जायें और उसे गिरफ्तार किया जाए।
पुलिस ने 72 घंटे का समय मांगा हालांकि स्वतंत्र को बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) से हिरासत में ले लिया गया और दिल्ली लाया गया।
पुलिस ने पहले परोक्ष रूप से सफाई देने की कोशिश की कि निशु के पिता की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार सिर पर चोट मामूली थी और स्वतंत्र से पूछताछ की गई थी यानी बनती कार्रवाई की गई थी। स्वतंत्र ने भी मीडिया के जरिए सफाई देने की कोशिश की कि उसने हमला “आत्मरक्षा” में किया था।
लेकिन, पॉडकास्ट में जिस तरह स्वतंत्र ने खुद सिर फाड़ने, हॉफ मर्डर समेत कपिल मिश्रा के फोन के कारण पुलिस द्वारा छोड़ दिए जाने की बातें कही थीं, उसके बाद दिल्ली पुलिस के पास विकल्प संभवतः बचा नहीं था।
इस बीच, चिराग पासवान ने भी मीडिया में बयान देकर कहा कि उनके “नाम का मिसयूज” किया गया है। पासवान ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वतंत्र के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी है।
(जनचौक ब्यूरो)