किसानों ने भरी सरकार से बातचीत पर हामी, दिया 29 दिसंबर को बैठक का प्रस्ताव

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पिछले 31 दिन से दिल्ली की सीमा पर डेरा डाले किसान संगठनों ने आज शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस करके केंद्र सरकार के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। किसानों ने बातचीत के प्रस्ताव स्वीकार करते हुए बैठक के लिए 29 दिसंबर को 11:00 बजे का सुझाव दिया है। किसान संगठनों ने अपनी मांगों को दोहराते हुए तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने और एमएसपी पर गारंटी को क़ानूनी दर्जा देने के मुद्दे पर बात करने का सुझाव दिया है।

बता दें कि इससे पहले सरकार और कृषि संगठनों के बीच 6 दौर की बात हुई है जो कि बेनतीजा रही है। 

इससे पहले सरकार और किसान संगठनों के बीच आखिरी बैठक 8 दिसंबर को हुई थी। उसके एक दिन बाद यानि 9 दिसंबर की पूर्व निर्धारित बैठक रद्द कर दी गई थी। तब से अब तक 18 दिन बीत चुके हैं। इससे पहले सिंघु बॉर्डर पर किसानों के 40 संगठनों ने आज दोपहर 2 बजे बैठक की। शुक्रवार को सरकार की तरफ से किसानों को बातचीत का प्रस्ताव भेजा गया था जिसके बाद 40  किसान संगठनों ये बैठक बुलाई गई थी।

किसानों के साथ कोटपुतली पहुंचे हनुमान बेनीवाल

वहीं नागौर सांसद और जाट नेता हनुमान बेनीवाल सैकड़ों किसानों के साथ आज कोटपुतली पहुंचे हैं। बता दें कि दो दिन पहले ही उन्होंने दो लाख किसानों के साथ दिल्ली कूच करने का आह्वान किया था। बेनीवाल जयपुर, जोधपुर, कोटपुतली, अलवर, नागौर, जैसलमेर, जोधपुर समेत राजस्थान के कई जिलों से सैकड़ों की संख्या में किसानों के साथ इकट्ठे हुए किसानों के साथ शाहजहांपुर की तरफ बढ़ रहे हैं।

वहीं एनडीए सरकार में रहने न रहने के सवाल पर हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से कहा कि हरियाणा बॉर्डर पर शाहजहांपुर में मीटिंग के बाद एनडीए में रहने या छोड़ने पर लिया जाएगा फैसला। 

राजस्थान में नहीं लागू होगा कृषि क़ानून 

राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री परसादी लाल मीणा ने लालसोट में कृषि उपज मंडी में आयोजित एक कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा है कि तीनों कृषि विधेयकों को किसी भी सूरत में राजस्थान में लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे राजस्थान में कांग्रेस की सरकार चली जाए, चाहे राजस्थान की सरकार को भंग कर दिया जाए लेकिन वे इन तीनों काले कानूनों को लागू नहीं होने देंगे।

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