Friday, April 19, 2024

अनिल जैन

अब कश्मीर हमारा अंदरुनी मसला कैसे रहा!

वैसे तो कश्मीर तब से ही भारत का अभिन्न अंग है, जब से उसका भारत में विलय हुआ है, लेकिन पांच अगस्त, 2019 के बाद से वह ऐसा और इतना ‘अभिन्न अंग’ हो गया है कि वहां केंद्र सरकार...

भाजपा के लिए मायूसी भरे रहे उपचुनाव के नतीजे

महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे भाजपा के लिए उसकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहे, उसी तरह 17 राज्यों की 51 विधानसभा और दो लोकसभा सीटों के उपचुनाव नतीजे भी उसके और उसके सहयोगी दलों के लिए चेतावनी...

यह जीत भी मोदी के लिए किसी झटके से कम नहीं

महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना का गठबंधन एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहा है और हरियाणा में भी बहुमत न मिलने के बावजूद भाजपा जैसे-तैसे सरकार बनाने की स्थिति में है। इन...

हरियाणा में भाजपा की वापसी हुई तो जैसे-तैसे ही होगी

दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी जिला मुख्यालय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली के साथ ही राज्य विधानसभा के चुनाव के लिए शनिवार को प्रचार थम गया। चुनाव प्रचार के आखिरी तीन दिनों में मोदी ने यहां धुआंधार प्रचार करते हुए करीब...

स्वाधीनता संग्राम के खलनायकों को महानायक बनाने की तैयारी

एक तरफ नफरत से उपजे हिंदुत्व की प्रयोगशाला में तब्दील हो चुकी गांधी की जन्मस्थली गुजरात में नौवीं कक्षा की आंतरिक परीक्षा में सवाल पूछा जाता है कि महात्मा गांधी ने आत्महत्या कैसे की थी। इसके बाद दूसरी ओर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव...

मौजूदा वक्त में जेपी और लोहिया की याद

जयप्रकाश नारायण (जेपी) और डॉ. राममनोहर लोहिया। 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दो अप्रतिम नायक और आजादी के बाद भारतीय समाजवादी आंदोलन के महानायक। लोहिया ने अपने विशिष्ट चिंतन से समाजवादी आंदोलन के भारतीय स्वरूप को गढ़ा और...

हर कश्मीरी की निगाह संयुक्त राष्ट्र और 27 सितंबर पर!

श्रीनगर से लौटकर । तरह-तरह की आशंकाओं, दुश्वारियों, गम, गुस्सा और तनाव से घिरे तथा सुरक्षा बलों से अटे पड़े कश्मीर में इस समय हर शख्स की निगाहें संयुक्त राष्ट्र पर लगी हैं। सभी की जुबान पर एक ही...

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को ब्राह्मण ही श्रेष्ठ क्यों लगते हैं?

मौजूदा वक्त में जब देश की तमाम संवैधानिक संस्थान और उनमें बैठे लोग अपने पतन की नित नई इबारतें लिखते हुए खुद को सरकार के दास के रूप में पेश कर रहे हों, तब ऐसे माहौल में लोकसभा अध्यक्ष...

रवीश ने एडिटर्स गिल्ड को लेकर क्यों की गलत बयानी?

एनडीटीवी के पत्रकार रवीश कुमार ने मनीला में मैग्सेसे पुरस्कार समारोह के मौके पर बेहतरीन भाषण दिया। अपने भाषण में उन्हें भारत के बिके हुए और डरे हुए मीडिया की जमकर खबर लेने के साथ ही देश में लोकतंत्र पर मंडरा...

भाजपा के ‘चिदंबरम’ थे अरुण जेटली!

अरुण जेटली और पलानिअप्पन चिदंबरम! दोनों लंबे समय तक देश के वित्त मंत्री रहे। अरुण जेटली लंबे समय तक बीमारी से जूझते हुए इस दुनिया से कूच कर गए और चिदंबरम लंबे समय तक कानूनी प्रक्रियाओं बचते रहने के...

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