नागरिकता कानून विरोधी आंदोलन की गहराई और विस्तार ने भारत को आज सचमुच बदल डाला है। सिर्फ… Read More
अरुण माहेश्वरी
राजकिशोर की तरह के एक स्वातन्त्र्य चेता और पत्रकारिता के जगत में अपने एक अलग ही छंद… Read More
नटरंग पत्रिका के मार्च 2006 के अंक में प्रकाशित नंदकिशोर आचार्य जी के ‘बापू’ नाटक को पढ़… Read More
सब जानते हैं, एनपीआर एनआरसी का मूल आधार है। खुद सरकार ने इसकी कई बार घोषणा की… Read More
भारत के पूर्व प्रमुख आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यन के साथ एनडीटीवी के प्रणय राय की भारतीय अर्थ-व्यवस्था… Read More
आज दिल्ली में मोदी जी की चुनावी रैली पूरे देश में आग लगा कर एक आडंबरपूर्ण चुनावी… Read More
आज के टेलिग्राफ़ में उद्योगपतियों की मनोदशा के बारे में सुर्ख़ी की खबर है । “Why business… Read More
हैदराबाद में बलात्कारियों के एनकाउंटर की पूरे देश में भारी प्रतिक्रिया हुई है। अभी हमारा समाज जिस… Read More
सऊदी अरब में आज की दुनिया की सबसे बर्बर राजशाही चल रही है। इसकी एक पहचान है… Read More
रवीश कुमार के भाषणों को सुनना अच्छा लगता है । इसलिये नहीं कि वे विद्वतापूर्ण होते हैं… Read More