अरुण माहेश्वरी

अथातो चित्त जिज्ञासा- भाग 4: मनोविश्लेषण का अपना नया सामाजिक संदर्भ

अथातो चित्त जिज्ञासा- भाग 4 (जॉक लकान के मनोविश्लेषण के सिद्धांतों पर केंद्रित aएक विमर्श की प्रस्तावना)… Read More

माहेश्वरी का मत: यह न महाभारत है, न ही कोई धर्मयुद्ध; तेज़ी से फैलने वाली एक वैश्विक महामारी है

नोटबंदी पर पचास दिन माँगने वाले प्रवंचक ने अब इक्कीस दिन में कोरोना के प्रभाव को ख़त्म… Read More

अथातो चित्त जिज्ञासा-3: भारतीय तंत्र शास्त्र से मिलता है फ्रायड का दर्शन शास्त्र

(जॉक लकान के मनोविश्लेषण के सिद्धांतों पर केंद्रित एक विमर्श की प्रस्तावना) जो भी हो, यहां हमारा… Read More

अथातो चित्त जिज्ञासा: मनस्तात्विक विश्लेषण की एक संक्षिप्त शास्त्रीय पृष्ठभूमि

(जॉक लकान के मनोविश्लेषण के सिद्धांतों पर केंद्रित एक विमर्श की प्रस्तावना) मनस्तात्विक विश्लेषण की एक संक्षिप्त… Read More

अथातो चित्त जिज्ञासा: जॉक लकान के मनोविश्लेषण के सिद्धांतों पर केंद्रित एक विमर्श की प्रस्तावना

अभी की एक गहरी चिंता और अवसाद से भरी विमर्श के गतिरोध की चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों में… Read More