Wednesday, December 7, 2022

मनीष आज़ाद

‘हिस्टीरिया’: जीवन से बतियाती कहानियां!

बचपन में मैंने कुएं में गिरी बाल्टियों को 'झग्गड़' से निकालते देखा है। इसे कुछ कुशल लोग ही निकाल पाते थे। इन्हीं कुओं में कभी कभी गांव की बहू-बेटियां भी मुंह अंधेरे छलांग लगा देती थीं। उन औरतों का...

दलित सवाल, हिन्दू धर्म और डॉ अम्बेडकर

1939 में डॉ अम्बेडकर ने कहा था- ‘‘जब भी अछूत जातियों और देश के हितों के बीच किसी भी तरह का टकराव होगा तो जहां तक मेरा सम्बन्ध है मैं ऐसी स्थिति में अछूतों के हितों को देश के...

फिल्मकारों के फिल्मकार थे गोदार

गोदार की मृत्यु पर उनकी पार्टनर ने कहा कि वे बीमार नहीं थे, बस थक चुके थे। इसलिए उन्होंने इच्छा मृत्यु चुन ली। गौरतलब है कि स्विट्जरलैंड में इच्छा मृत्यु मान्य है। मनुष्य बुनियादी तौर पर ऐसा रचनाकार है,...

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साईबाबा पर सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर पुनर्विचार के लिए चीफ जस्टिस से अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की अपील

उन्नीस वैश्विक संगठनों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़  को संयुक्त पत्र लिखकर कथित 'माओवादी लिंक' मामले में...