मनोज अभिज्ञान

एआई, चिप्स और शक्ति संतुलन: क्या भारत अपना मॉडल गढ़ सकता है?

अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर-सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग का दिल्ली दौरा और एएआई इंपैक्ट समिट 2026 में उनकी… Read More

चुप होती असहमति और बोलता एल्गोरिदम : क्या एआई वैश्विक असमानताओं को बढ़ा रहा है?

कृत्रिम बुद्धि (आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस) को अक्सर तटस्थ टूल की तरह देखा जाता है। कहा जाता है कि… Read More

अमेरिकी साम्राज्यवाद का अगला निशाना ग्रीनलैंड? आर्कटिक में शक्ति, संसाधन और संकेतों की राजनीति

अमेरिकी साम्राज्यवाद आज पुराने ढर्रे पर नहीं चलता। न सीधे कब्ज़ा, न औपनिवेशिक शासन। इसकी भाषा बदली… Read More

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बुद्धिमत्ता का भ्रम : क्या सोच को प्रोग्राम किया जा सकता है?

हम जिस दौर में खड़े हैं, वहाँ सबसे बड़ा भ्रम यह है कि बुद्धिमत्ता को गति और… Read More

आर्थिक घेराबंदी के बीच चीन की अर्थव्यवस्था का शानदार प्रदर्शन : बाधाओं को अवसर में बदलने की रणनीति

इक्कीसवीं सदी के वैश्विक अर्थतंत्र में शक्ति अब केवल हथियारों या कूटनीतिक घोषणाओं से तय नहीं होती,… Read More